Air India Plane Crash: 11 मृतकों के DNA सैंपल मैच, परिजनों को सौंपे जा रहे शव

Air India Plane Crash: अहमदाबाद में विमान हादसे में मृतकों का डीएनए सैंपल मैच कराया जा रहा है. उसी आधार पर परिजनों को शव सौंपे जा रहे हैं. अब तक 11 डीएनए सैंपल को मैच कराया गया है और उस आधार पर शव को सौंपा जा रहा है.

Air India Plane Crash: सिविल अस्पताल के अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक डॉ रजनीश पटेल ने कहा, “अब तक 11 मृतकों के डीएनए नमूने मेल खा चुके हैं. एक मृतक के शव को परिवार को सौंप दिया गया है. आज तक दो और शव सौंप दिए जाएंगे. यह एक धीमी प्रक्रिया है और इसे सावधानीपूर्वक किया जाना चाहिए. हमें आज विमान के पिछले हिस्से से एक और शव मिला है.”

जीवित बचा एकमात्र व्यक्ति ठीक है

एयर इंडिया विमान हादसे में 241 यात्रियों की मौत हो गई, केवल एक व्यक्ति जिंदा बच गया. उसकी इलाज फिलहाल जारी है. उससे गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मिले थे. सिविल अस्पताल के अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक डॉ रजनीश पटेल ने कहा, “जीवित बचा एकमात्र व्यक्ति ठीक है और उसकी हालत तेजी से सुधर रही है. उसकी हालत स्थिर है.” मिलान किए गए डीएनए नमूनों के बारे में बताया, “अस्पताल से एक व्यक्ति संबंधित रिश्तेदार को कॉल करेगा. उन्हें एक संपर्क नंबर दिया जाएगा, जिस पर वे सिविल अस्पताल आने पर संपर्क कर सकते हैं. इसके बाद, व्यक्ति को चिकित्सा अधीक्षक के कार्यालय में ले जाया जाएगा… और प्रक्रिया के बाद शव उन्हें सौंप दिया जाएगा… जैसे ही डीएनए के नतीजे आएंगे, हम आपको सूचित करेंगे जल्दबाजी करने की कोई जरूरत नहीं है.”

ब्रिटिश नागरिकों के परिजनों से भी किया गया संपर्क

एयर इंडिया विमान दुर्घटना में मृतक ब्रिटिश नागरिकों के परिवारों के बारे में राज्य आपातकालीन आयुक्त आलोक पांडे ने कहा, “हमने ब्रिटिश सचिव से संपर्क किया और उनसे टेलीफोन पर बात की. हम प्रशासनिक प्रक्रिया और उनके स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों में उनका समर्थन करते हैं. हमने सभी परिवार के सदस्यों से भी संपर्क किया है. अधिकारियों ने कहा है कि वे दो दिनों के भीतर यहां पहुंच जाएंगे.”

शव लेने आते समय फोटो पहचान पत्र साथ रखें

राज्य आपातकालीन आयुक्त आलोक पांडे ने कहा, “गुजरात के 33 जिलों में से मृतक 18 अलग-अलग जिलों के हैं. हमने परिवार के सदस्यों से संपर्क स्थापित किया और 230 टीमें बनाईं. हमने आज से शव सौंपना शुरू कर दिया है. डीएनए सैंपल देने वाले परिवार के सदस्य को शव लेने आते समय फोटो पहचान पत्र के साथ आना चाहिए. अगर वे नहीं आ सकते हैं, तो उनके करीबी रिश्तेदार सबूत के साथ आ सकते हैं जिससे संबंध स्थापित हो सके. अहमदाबाद नगर निगम ने एक प्रणाली बनाई है, जिसमें मृत्यु प्रमाण पत्र तुरंत प्रदान किए जाएंगे. संबंधित गांव के लेखाकार तुरंत परिवार का कार्ड प्रदान करेंगे… प्रत्येक परिवार के लिए, शवों को संबंधित गृहनगर ले जाने में उनकी मदद करने के लिए एक व्यक्तिगत टीम बनाई गई है. मानसिक आघात को दूर करने के लिए प्रत्येक परिवार के लिए एक शोक परामर्शदाता नियुक्त किया गया है… 11 विदेशी नागरिकों के परिवारों से भी संपर्क किया गया है, और वे कल दोपहर तक यहां पहुंचेंगे. प्रश्नों के उत्तर देने के लिए राज्य सरकार के कॉल सेंटर भी काम कर रहे हैं.”

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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