कर्नाटक बीजेपी ने नागेंद्र के इस्तीफे के बाद चला दांव, 1 सितंबर से शुरू होगी पदयात्रा

कर्नाटक में वाल्मीकि विकास निगम घोटाले के बाद कांग्रेस सरकार पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं. मंत्री बी. नागेंद्र के इस्तीफे के बाद, बीजेपी ने 1 सितंबर से 10 सितंबर तक राज्यव्यापी पदयात्रा की घोषणा की है.

कर्नाटक में वाल्मीकि विकास निगम में घोटाला हुआ है. इस वजह से कांग्रेस सरकार की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं. कैबिनेट मंत्री बी. नागेंद्र के इस्तीफे के तुरंत बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राज्य सरकार को घेरने की बड़ी रणनीति तैयार कर ली है. कर्नाटक बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने रविवार को घोषणा की कि पार्टी 1 सितंबर से 10 सितंबर तक रायचूर जिले के लिंगसुगुर से बल्लारी तक 10 दिवसीय विशाल 'पदयात्रा' निकालेगी.

नागेंद्र का इस्तीफा, सूखा और 2.5 लाख खाली पद बनेंगे मुख्य मुद्दे

प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पदयात्रा को लेकर पार्टी में किसी प्रकार का संशय नहीं है.

उन्होंने कहा, "यह पदयात्रा 1 सितंबर से शुरू होकर 10 सितंबर को बल्लारी में समाप्त होगी. इस यात्रा के दौरान हम नागेंद्र के इस्तीफे और वाल्मीकि निगम में हुए घोटाले के अलावा राज्य में सूखे के हालात और सरकारी विभागों में खाली पड़े 2.5 लाख पदों को न भरने जैसे जनहित के कई गंभीर मुद्दों को उठाएंगे. लोगों की आवाज़ उठाने के लिए यह यात्रा निकाली जा रही है."

एससी-एसटी आरक्षण पर कांग्रेस सरकार को घेरा

विजयेंद्र ने अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के आरक्षण के मुद्दे पर भी सिद्धारमैया सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के नेतृत्व वाली पिछली बीजेपी सरकार के दौरान एससी आरक्षण 15% से बढ़ाकर 17% और एसटी आरक्षण 3% से बढ़ाकर 7% किया गया था. लेकिन कांग्रेस सरकार सत्ता में आने के बाद इसे सही तरीके से लागू करने में पूरी तरह विफल रही है.

राज्यपाल ने स्वीकार किया मंत्री का इस्तीफा, विपक्ष ने बताया दलितों की जीत

दूसरी तरफ, कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने रविवार को योजना मंत्री बी. नागेंद्र का इस्तीफा आधिकारिक तौर पर स्वीकार कर लिया. बल्लारी ग्रामीण से विधायक नागेंद्र ने बीजेपी और जेडी(एस) के कड़े विरोध के बाद पद छोड़ा था. विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोका ने इसे सिर्फ विपक्षी दलों की नहीं, बल्कि पूरे दलित समुदाय के हक की जीत करार दिया है.


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By आलोक पाठक

आलोक पाठक वर्ष 2019 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अपने पत्रकारिता सफर के दौरान वे खबर मंत्र, गांडीव और नक्षत्र न्यूज़ जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं। वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। हिंदी भाषा और लेखन के प्रति उनका विशेष लगाव है। उन्हें भू-राजनीति (Geopolitics) और राष्ट्रीय राजनीति से जुड़े विषयों पर लिखना पसंद है। निजी जीवन में कहानियां और कविताएं लिखना तथा कालजयी साहित्य का अध्ययन उनकी प्रमुख रुचियों में शामिल है। उनका प्रयास तथ्यों पर आधारित, सरल और प्रभावी लेखन के माध्यम से पाठकों तक सार्थक जानकारी पहुंचाना है।

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