भारत दौरे पर आए अफगानिस्तान के मंत्री ओमारी: बोले- हमारा DNA एक ही है, रिश्तों में नई गर्माहट के संकेत

Afghan Minister Omari on visit to India : अफगानिस्तान के कृषि, सिंचाई और पशुपालन मंत्री मौलवी अताउल्लाह ओमारी ने भारत दौरे पर गर्मजोशी भरे स्वागत की सराहना की. उन्होंने भारत को अपना देश बताते हुए कहा कि 'हमारा DNA एक ही है', जो दोनों देशों के गहरे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को दर्शाता है.

Afghan Minister Omari visit to India : भारत दौरे पर आए अफगानिस्तान के कृषि, सिंचाई और पशुपालन मंत्री मौलवी अताउल्लाह ओमारी ने दोनों देशों के रिश्तों को लेकर सकारात्मक संदेश दिया. एएनआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, उन्होंने कहा कि यह उनकी भारत की पहली यात्रा है.उन्होंने कहा कि भारत सरकार, विदेश मंत्री एस जयशंकर और सभी लोगों ने उनका बेहद गर्मजोशी से स्वागत किया. ओमारी ने कहा कि उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे वे अपने ही लोगों के बीच हैं और भारत उन्हें अपने ही देश जैसा लगा. उन्होंने यहां तक कहा कि "हमारा DNA एक ही है", जो दोनों देशों के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों की ओर इशारा करता है.

अफगान जनता के लिए बताया उम्मीद का संदेश

अफगानिस्तान मंत्री मौलवी अताउल्लाह ओमारी ने कहा कि उन्हें मिला सम्मान केवल उनका व्यक्तिगत स्वागत नहीं, बल्कि पूरे अफगानिस्तान के लोगों के प्रति भारत की सद्भावना का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि यह मेहमाननवाजी अफगान जनता के लिए उम्मीद की नई किरण है और इससे देश के विकास तथा बेहतर भविष्य की संभावनाएं मजबूत होती हैं, उन्होंने भारत की मेहमाननवाजी की सराहना करते हुए कहा कि इससे दोनों देशों के बीच विश्वास और सहयोग को नई दिशा मिल सकती है.

किन मुद्दों पर बन सकती है सहमति

राजनितिक विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और अफगानिस्तान के बीच कृषि, सिंचाई, जल प्रबंधन, पशुपालन, खाद्य सुरक्षा, क्षमता निर्माण, शिक्षा, स्वास्थ्य और मानवीय सहायता जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ सकता है. भारत पहले भी अफगान किसानों के प्रशिक्षण, गेहूं और दवाइयों की मदद तथा विकास परियोजनाओं में सहयोग देता रहा है. आने वाले समय में तकनीकी सहयोग और कृषि क्षेत्र में निवेश जैसे मुद्दों पर भी बातचीत आगे बढ़ सकती है.

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पुराने रिश्तों को फिर मजबूत करने की कोशिश

भारत और अफगानिस्तान के बीच दशकों पुराने सांस्कृतिक, व्यापारिक और रणनीतिक संबंध रहे हैं. 2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद रिश्तों की रफ्तार धीमी हुई थी, लेकिन भारत ने मानवीय सहायता जारी रखी और काबुल में अपना तकनीकी मिशन भी फिर से सक्रिय किया. ऐसे में ओमारी की यह यात्रा दोनों देशों के बीच संवाद बढ़ाने और भविष्य में व्यावहारिक सहयोग को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.

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Published by: Satyendra Giri

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