Arvind Kejriwal की सेहत से खिलवाड़ कर रही है बीजेपी, AAP नेता आतिशी का गंभीर आरोप

आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी ने आज बीजेपी सरकार पर तीखा हमला किया है और यह कहा है कि वे उनके नेता अरविंद केजरीवाल को जेल में रखकर उनकी सेहत से खिलवाड़ कर रही है.

Arvind Kejriwal : आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी ने आज सोशल मीडिया में पोस्ट लिखकर आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल का स्वास्थ्य लगातार खराब हो रहा है, बावजूद इसके बीजेपी सरकार उन्हें जेल में रखकर उनके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रही है. आतिशी ने कहा कि गिफ्तारी के बाद से उनका वजन साढ़े चार किलो घट गया है. उनके वजन में लगातार गिरावट आ रही है.


15 दिन की न्यायिक हिरासत में हैं अरविंद केजरीवाल

आतिशी ने बीजेपी पर यह आरोप लगाया कि उन्हें जेल में रखकर उनकी सेहत को खतरे में डाला जा रहा है. वे डायबिटीज के मरीज हैं, बावजूद इसके वे देश हित में 24 घंटे काम कर रहे थे. ज्ञात हो कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आबकारी घोटाला मामले में अरविंद केजरीवाल को 21 मार्च को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद एक अप्रैल को उनकी पेशी कोर्ट में हुई और उन्हें 15 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. आज उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई हो रही है.

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गंभीर डायबिटीज के हैं मरीज

आतिशी ने कहा कि अरविंद केजरीवाल को गंभीर डायबिटीज है, जिसकी वजह से उन्हें दिन में कई बार डायबिटीज की जांच करनी होती है और उसी के हिसाब से उन्हें दवाइयां भी लेनी होती है. जेल में अरविंद केजरीवाल को यह सुविधा नहीं मिल पा रही है. यह बात सबको पता है कि डायबिटीज एक गंभीर बीमारी है जिसका प्रभाव किसी मरीज के किडनी, हृदय, आंख और नर्वस सिस्टम पर भी पड़ता है.

आतिशी लगातार सरकार पर कर रही हैं हमला

आप देता आतिशी ने लगातार बीजेपी और उनकी सरकार को निशाने पर रखा है. पिछले दिनों उन्होंने यह आरोप लगाया था कि आम आदमी पार्टी के कुछ और नेताओं की गिरफ्तारी संभव है. उन्होंने यह आरोप भी लगाया था कि उन्हें यह धमकी दी जा रही है कि वे बीजेपी में शामिल हो जाएं, अन्यथा एक महीने के अंदर उनके खिलाफ ईडी की कार्रवाई संभव है.

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By Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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