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पीएम मोदी ने बताया आजादी का 75वां साल कैसे मनाएगा देश
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आजादी का 75वां साल मनाने के लिए पीएम मोदी की अध्यक्षता में बनायी गयी समिति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम में हिस्सा लिया. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, भारत की स्वतंत्रता के 75 वें वर्ष के अवसर पर आयोजित होने वाले समारोह में आजादी के आंदोलन की भावना प्रदर्शित होनी चाहिए. मालूम हो आजादी का 75वां साल मनाने के लिए पीएम मोदी की अध्यक्षता में एक समिति बनायी गयी है.
आजादी के 75 साल का ये पर्व एक ऐसा पर्व होना चाहिए जिसमें स्वाधीनता संग्राम की भावना, उसका त्याग साक्षात अनुभव हो सके. जिसमें देश के शहीदों को श्रद्धांजलि भी हो और उनके सपनों का भारत बनाने का संकल्प भी. जिसमें सनातन भारत के गौरव की भी झलक हो, जिसमें आधुनिक भारत की चमक भी हो. हमें 130 करोड़ देशवासियों को साथ लेकर, उन्हें साथ जोड़कर आजादी के 75 साल का ये पर्व मनाना है. जनभागीदारी इस आयोजन की, इस उत्सव की मूल भावना है.
पीएम मोदी ने कहा, हमारे देश का शायद ही कोई ऐसा स्थान हो, कोई ऐसा कोना हो जहां से किसी न किसी भारत माता के बेटे-बेटी ने अपना बलिदान नहीं दिया हो. उन सबके बलिदान, उनकी कहानियां भी जब देश के सामने आएंगी तो वो अपने आप में बहुत बड़ी प्रेरणा का स्रोत होने वाला है.
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की स्वतंत्रता की 75 वीं वर्षगांठ मनाने के लिए गठित समिति से कहा, यह 1947 से हमारी उपलब्धियों को दुनिया को दिखाने का अवसर है. उन्होंने कहा, जन भागीदारी भारत की स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ पर आयोजित होने वाले समारोह का आधार होनी चाहिए.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, कई ऐसे लोग है जो कई पीढ़ियों से देश और समाज के लिए कोई न कोई महान काम कर रहे हैं. उनकी सोच और विचारों को हमें सामने लाना है. देश को उनके प्रयासों से जोड़ना है. यह भी इस अमृत महोत्सव की मूल भावना है.
पीएम मोदी ने कहा, आज भारत वो सब कर रहा है, जिसकी कुछ साल पहले तक कल्पना नहीं होती थी. आजादी के 75 साल जब देश मनाएगा, तो देश उन लक्ष्यों की ओर आगे बढ़ेगा, उन्हें प्राप्त करने के लिए मजबूत कदम उठाएगा, जो कभी असंभव लगते थे.
मोदी ने कहा, किसी के योगदान को नकार कर देश प्रगति नहीं कर सकता. देश सभी के योगदानों और सबके सम्मान से आगे बढ़ता है. उन्होंने कहा, हम इसी मंत्र को अपना कर आगे बढ़ सकते हैं.
Posted By – Arbind kumar mishra
