नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को श्रद्धांजलि दी और कहा कि उन्होंने सर्वोच्च बलिदान दे दिया ताकि उनके बाद आने वाली पीढियां आजादी की हवा में सांस ले सकें. प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया, ‘मैं भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को उनके शहीदी दिवस के अवसर पर नमन करता हूं और पीढियों को प्रेरणा देने वाले उनके अदम्य साहस और देशभक्ति के लिए उन्हें सलाम करता हूं.’ उन्होंने ट्वीट किया, ‘अपने युवाकाल में इन तीन बहादुर लोगों ने अपने जीवन त्याग दिये ताकि आने वाली पीढियां आजादी की हवा में सांस ले सकें.’
आज ही के दिन भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को तय समय से कुछ घंटे पहले ही फांसी पर चढा दिया गया था. इन तीनों को लाहौर साजिश मामले में मौत की सजा सुनायी गयी थी. प्रधानमंत्री ने समाजवादी नेता डॉ राम मनोहर लोहिया को भी उनकी जयंती के अवसर पर याद किया. उन्होंने लोहिया को ‘एक ऐसा विद्वान और मौलिक विचारक’ बताया, जिन्होंने दूसरे दलों के लोगों को भी प्रेरणा दी.’
मोदी ने लोहिया के उस पत्र की भी एक प्रति सार्वजनिक की, जो उन्होंने महात्मा गांधी को 30 अप्रैल, 1941 को बरेली सेंट्रल जेल से लिखा था.इस पत्र में लोहिया ने अलमोडा के हरि दत्त कंदपाल का परिचय गांधी से करवाया था. पत्र में उन्होंने कहा था कि कंदपाल अहिंसा में गहरा विश्वास रखने वाले व्यक्ति हैं और जेल से रिहा होने के बाद उनसे (गांधी से) मिलना चाहते हैं. प्रधानमंत्री ने कांची मठ के शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती का भी उनके सहस्र चंद्र दर्शन के विशेष अवसर पर अभिनंदन किया और उन्हें शुभकामनाएं दीं.
मोदी ने कहा, ‘कांची मठ के शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती जी को उनके सहस्र चंद्र दर्शन के विशेष अवसर पर मेरी हार्दिक बधाई.’ उन्होंने ट्वीट किया, ‘पूज्य शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती जी ने अपना जीवन सेवा और आध्यात्मिकता के प्रति समर्पित कर दिया है. मैं उनके अच्छे स्वास्थ्य और दीघायु होने की कामना करता हूं.’
