GST 2.0: साबुन, पाउडर, कॉफी, बिस्कुट, घी, तेल समेत 375 सामान हो जाएंगे सस्ते, जीएसटी में हुई कटौती

GST 2.0: 22 सितंबर से जीएसटी सुधारों के लागू होने से रसोई के सामान से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स तक, दवाओं और उपकरणों से लेकर ऑटोमोबाइल तक, लगभग 375 वस्तुओं पर दरें घट जाएंगी. रविवार को देश के नाम संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि नवरात्रि के पहले दिन देश आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण और बड़ा कदम उठाने जा रहा है. कल सूर्योदय के साथ अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार लागू हो जाएंगे. इससे गरीब, मध्यम वर्ग, नव मध्यम वर्ग, युवा, किसान, महिलाएं, व्यापारी और दुकानदार को काफी लाभ पहुंचेगा.

GST 2.0: सोमवार (22 सितंबर) से 375 सामानों के दाम सस्ते हो जाएंगे. रसोई में इस्तेमाल होने वाले सामानों से लेकर लाइफ सेविंग ड्रग, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल की सामानें सस्ती दरों पर उपलब्ध होंगी. मोदी सरकार की घोषणा के बाद कई महंगे प्रोडक्ट के दाम कम हो जाएंगे. उपभोक्ताओं को एक बड़ा तोहफा देते हुए केंद्र और राज्यों की जीएसटी परिषद ने 22 सितंबर 2025 नवरात्रि के पहले दिन से जीएसटी की दरें कम करने का फैसला किया था. रविवार को पीएम मोदी ने करीब अपने 19 मिनट के संबोधन में कहा कि संशोधित जीएसटी दरें उनकी सरकार के ‘नागरिक देवो भव:’ के मंत्र को दर्शाती हैं, क्योंकि इससे रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं के दाम कम होंगे और निर्माण एवं स्वास्थ्य क्षेत्रों में खर्च में कटौती होगी.

चार के बदले अब दो हुआ जीएसटी स्लैब

जीएसटी काउंसिल ने जीएसटी स्लैब को चार के बदले दो स्लैब कर दिया है. पहले वस्तुओं 5 फीसदी, 12 फीसदी, 18 फीसदी और 28 फीसदी से बदलकर दो स्लैब 5 फीसदी और 18 फीसदी वाले स्ट्रक्चर ही रहेंगे. हालांकि सिगरेट, तम्बाकू, शराब जैसे कई हानिकारक वस्तुओं पर 40 फीसदी जीएसटी लगाया गया है. रविवार को पीएम मोदी ने बताया कि रोजमर्रा की जरूरत के खाद्य पदार्थ, दवाएं, साबुन, मंजन, टूथपेस्ट, स्वास्थ्य और जीवन बीमा या तो कर-मुक्त होंगे या उन पर केवल पांच फीसदी कर लगेगा. पीएम मोदी ने कहा कि पहले 12 फीसदी कर वाली करीब 99 प्रतिशत वस्तुएं अब पांच फीसदी टैक्स दायरे में आती हैं.

ग्राहकों को मिलेगा जीएसटी कटौती का लाभ

रोजमर्रा की जरूरतों का सामान बनाने वाली प्रमुख कंपनियों ने जीएसटी कटौती का लाभ उपभोक्ताओं को देने के लिए अपने उत्पादों की कीमतों में कटौती की है. ऐसे में सोमवार से साबुन, पाउडर, कॉफी, डायपर, बिस्कुट, घी और तेल जैसी दैनिक जरूरत की वस्तुएं सस्ती हो जाएंगी. एफएमसीजी कंपनियों ने जीएसटी 2.0 के लाभों को बिना किसी देरी के उपभोक्ताओं तक पहुंचाया है. इन कंपनियों ने 22 सितंबर से साबुन, शैम्पू, बेबी डायपर, मंजन, रेजर और आफ्टर-शेव लोशन सहित अपने उत्पादों की अधिकतम खुदरा मूल्य की संशोधित सूची जारी की है. इसका मकसद जीएसटी दर में कटौती का लाभ देना है. प्रॉक्टर एंड गैंबल, इमामी और एचयूएल जैसी कंपनियों ने नई मूल्य सूची जारी की हैं. इसके बारे में कंपनियों की वेबसाइट के माध्यम से उनके संबंधित वितरकों और उपभोक्ताओं को सूचित किया गया है.

पीएंडजी इंडिया ने बच्चों के देखभाल से जुड़े उत्पादों के दाम भी कम किए हैं. इन उत्पादों में डायपर पर जीएसटी 12 प्रतिशत से घटकर पांच प्रतिशत और बेबी वाइप्स पर जीएसटी 18 प्रतिशत से घटकर पांच प्रतिशत हो जाएगा. नई दरें 22 सितंबर 2025 से प्रभावी होंगी. कंपनी जिलेट और ओल्ड स्पाइस की कीमतों में भी कमी करने जा रही है. इमामी बोरोप्लस एंटीसेप्टिक क्रीम, नवरत्न आयुर्वेदिक तेल और झंडू बाम आदि की कीमतें भी कम हो रही हैं. एचयूएल ने भी जीएसटी सुधारों के बाद 22 सितंबर से डव शैम्पू, हॉर्लिक्स, किसान जैम, ब्रू कॉफी, लक्स और लाइफबॉय साबुन सहित अपने उपभोक्ता उत्पाद रेंज की कीमतों में कमी करने की घोषणा की है. जीएसटी परिषद ने इस महीने की शुरुआत में माल एवं सेवा कर के चार स्लैब की जगह दो स्लैब करने का फैसला किया है.

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लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

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