रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने निशक्तजन पेंशन के मामलों को आगे नहीं बढाने का फैसला किया

नयी दिल्ली: रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने अपने बाबुओं की सलाह के विपरीत जाते हुए अदालतों में अपने मंत्रालय के खिलाफ लंबित निशक्तजन पेंशन के करीब 4,000 मामलों को आगे नहीं बढाने का फैसला किया है. इस कदम से हजारों सैनिकों को फायदा मिल सकता है जो लंबे समय से कानूनी लडाई लड रहे हैं. […]

नयी दिल्ली: रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने अपने बाबुओं की सलाह के विपरीत जाते हुए अदालतों में अपने मंत्रालय के खिलाफ लंबित निशक्तजन पेंशन के करीब 4,000 मामलों को आगे नहीं बढाने का फैसला किया है. इस कदम से हजारों सैनिकों को फायदा मिल सकता है जो लंबे समय से कानूनी लडाई लड रहे हैं.

पर्रिकर ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैंने दो दिन पहले फैसला किया कि ऐसे मामलों को आगे नहीं बढाया जाएगा. इस कारण अब करीब 4,000 मामले अपने आप ही खत्म हो जाएंगे.’’ उन्होंने कहा कि मंत्रालय इस संदर्भ में अदालत के विपरीत फैसले को चुनौती देना चाहता था, लेकिन उन्होंने इसे आगे नहीं बढाने का आदेश दिया.

बहरहाल, एक वकील का कहना है कि सरकार के सामने इस आदेश को स्वीकार करने के सिवाय कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा था.पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के वकील नवदीप सिंह ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘मंत्री ने अच्छा रुख दिखाया है लेकिन मंत्रलय के पास कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा था क्योंकि पिछले साल सितंबर में उच्चतम न्यायालय की तीन न्यायाधीशों की पीठ ने यह निर्देश दिया था.’’

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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