छत्तीसगढ़ नसबंदी मामलाः डॉक्टर ने कहा,ऑपरेशन के कारण नहीं दवा के कारण हुई मौत

छत्तसीगढ़ः बिलासपुर में एक ही समय 83 महिलाओं के नसबंदी के ऑपरेशन कर दिये गये नियम के अनुसार एक दिन में पैंतीस ऑपरेशन से ज्यादा नहीं किए जा सकते. इस ऑपरेशन में 15 महिलाओं की मौत होने के बाद. चिकित्सक को गिरफ्तार कर लिया गया है. बिलासपुर जिले के पेंडारी गांव में नसंबदी के बाद […]

छत्तसीगढ़ः बिलासपुर में एक ही समय 83 महिलाओं के नसबंदी के ऑपरेशन कर दिये गये नियम के अनुसार एक दिन में पैंतीस ऑपरेशन से ज्यादा नहीं किए जा सकते. इस ऑपरेशन में 15 महिलाओं की मौत होने के बाद. चिकित्सक को गिरफ्तार कर लिया गया है.

बिलासपुर जिले के पेंडारी गांव में नसंबदी के बाद राज्य शासन ने चिकित्सक आर. के. गुप्ता समेत चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया था. डाक्टर गुप्ता के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया था. पुलिस ने आज चिकित्सक गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया. गुप्ता ने 83 महिलाओं की नसबंदी की थी जिसमें से 15 महिलाओं की मौत हुई है.
गुप्ता ने आज यहां संवाददाताओं से बातचीत के दौरान इस मामले पर सफाई देते हुए खुद को जिम्मेदार मानने से इनकार करते हुए कहा, नसंबदी के बाद महिलाओं को दर्द और एंटीबायटिक दवाईयां आईब्रुफेन और सिप्रोक्सिन दिया गया था. दवा लेने के बाद महिलाओं ने उल्टी और सिरदर्द की शिकायत की थी. इससे यह सामने आ रहा है कि महिलाओं की मौत संदिग्ध गुणवत्ता वाली दवाओं के कारण हुई है.
उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से आपरेशन कर रहे हैं तथा इस दौरान उन्होंने हजारों महिलाओं की नसबंदी की है. लेकिन ऐसी घटना की जानकारी नहीं है. आपरेशन से पहले औजारों को पूरी तरह सुरक्षित कर लिया गया था. इसके बाद ही आपरेशन किया गया.
चिकित्सक ने कहा कि उन्हें फंसाने की कोशिश की जा रही है जबकि जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा अन्य अधिकारियों और चिकित्सकों, जो निलंबित हैं सभी के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए. शासन की नीतियों के तहत उन्हें फंसाया जा रहा है.

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