बाला साहेब के चलते इस बार शिवसेना को निशाने पर नहीं लेंगे मोदी

नयी दिल्ली : अपने चुटिली राजनीतिक टिप्पणियों से प्रतिद्वंद्वी पर कड़ा प्रहार करने वाले नरेंद्र मोदी इस विधानसभा चुनाव में दोस्त से प्रतिद्वंद्वी बनी शिवसेना पर कोई राजनीतिक हमला नहीं बोलेंगे. उन्होंने यह एलान कर मराठी अस्मिता व भावना को एक तरह से तुष्ट करने की कोशिश की है. महाराष्ट्र के सांगली में एक चुनावी […]

नयी दिल्ली : अपने चुटिली राजनीतिक टिप्पणियों से प्रतिद्वंद्वी पर कड़ा प्रहार करने वाले नरेंद्र मोदी इस विधानसभा चुनाव में दोस्त से प्रतिद्वंद्वी बनी शिवसेना पर कोई राजनीतिक हमला नहीं बोलेंगे. उन्होंने यह एलान कर मराठी अस्मिता व भावना को एक तरह से तुष्ट करने की कोशिश की है. महाराष्ट्र के सांगली में एक चुनावी रैली में मोदी ने रविवार को कहा कि उनके मन में शिवसेना के संस्थापक स्वर्गीय बाला साहेब ठाकरे के प्रति अपार श्रद्धा व आदर है, इसलिए वे इस चुनाव में शिवसेना के खिलाफ कुछ नहीं बोलेंगे. उन्होंने यह बात कुछ अखबारों में इस खबर के प्रकाशन के बाद कही कि मोदी शिवसेना की आलोचना नहीं करते.
मोदी ने कहा कि बाला साहेब ने तमाम आलोचनाओं के बावजूद शिवसेना को बनाने में अपना पूरा जीवन लगा दिया और महाराष्ट्र का यह पहला चुनाव है, जो उनकी अनुपस्थिति में हो रहा है, इसलिए उन्हें आदरांजलि देने के लिए वे शिवसेना के खिलाफ कुछ नहीं बोल रहे हैं. हालांकि मोदी ने युति यानी गंठबंधन की राजनीति पर सवाल जरूर उठाया, जिससे जाहिर है कांग्रेस-एनसीपी के अलावा शिवसेना का भी बोध होता है. उन्होंने आमलोगों, खास कर किसानों से कहा कि आपकी दुर्दशा का कारण युति की राजनीति है. युति की राजनीति में कोई किसी बात की जिम्मेवारी नहीं लेता. इसलिए महाराष्ट्र में इस बार युति की राजनीति को खत्म कर भाजपा की पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनाइए, तब महाराष्ट्र का डंका पूरे देश में बजेगा.
चतुर राजनीतिज्ञ मोदी को इस बात का पूरा भान है कि शिवसेना, कांग्रेस, एनसीपी भाजपा की दिख रही बढ़त को कम करने के लिए मराठी अस्मिता बनाम गुजराती वर्चस्व को हवा दे सकती है, इसलिए मोदी ने अपने संबोधन में मराठी अस्मिता व जनभावनाओं का पूरा ख्याल रखा. उन्होंने शरद पवार को ललकारते हुए कहा कि शरद राव आपने अपने इलाके में जितनी ऊंची छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा लगवायी, उससे ऊंची प्रतिमा मैंने सूरत में उनकी लगवायी है और आप हमारी शिवभक्ति को ललकार नहीं सकते. उन्होंने यह भी कहा कि नर्मदा परियोजना पूरा होने से हर साल 400 करोड़ से अधिक की बिजली मुफ्त महाराष्ट्र को मिलेगी. उन्होंने यह भी याद कराया कि मुंबई एयरपोर्ट का शिवाजी के नाम पर नामकरण उनकी पार्टी की वाजपेयी सरकार ने ही कराया.
ध्यान रहे हाल में पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चह्वाण ने एक साक्षात्कार में यह आरोप लगाया था कि मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद गुजरात का महत्व बढ़ता जा रहा है और महाराष्ट्र की उपेक्षा हो रही है. उन्होंने निजी समाचार चैनल को दिये इंटरव्यू में कहा था कि मुंबई का महत्व कम कर अहमदाबाद के महत्व को बढ़ाया जा रहा है. उन्होंने महाराष्ट्र की कुछ योजनाओं के गुजरात स्थानांतरण का भी आरोप लगाया था.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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