दुश्मनों की खैर नहीं, वायु सेना के बेड़े में शामिल होंगे 150 से ज्यादा प्रचंड हेलीकॉप्टर और 97 तेजस विमान

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) ने अपने सुखोई-30 लड़ाकू बेड़े को उन्नत करने के लिए भारतीय वायु सेना के एक प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी.

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने वायु सेना की ताकत को और बढ़ाने की तैयारी कर ली है. इसी के तहत सशस्त्र बलों की लड़ाकू क्षमता को बढ़ावा देने के लिए 97 तेजस हल्के लड़ाकू विमानों और लगभग 150 प्रचंड हेलीकॉप्टर की अतिरिक्त खेप की खरीद को मंजूरी दे दी गई है.

सुखोई-30 लड़ाकू बेड़े को किया जाएगा और एडवांस

सूत्रों ने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) ने अपने सुखोई-30 लड़ाकू बेड़े को उन्नत करने के लिए भारतीय वायु सेना के एक प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी.

सरकारी खजाने पर बढ़ेगा 1.3 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ

मेगा खरीद परियोजनाओं और सुखोई-30 उन्नयन कार्यक्रम से सरकारी खजाने पर 1.3 लाख करोड़ रुपये की लागत आने की उम्मीद है. उम्मीद है कि रक्षा मंत्रालय जल्द ही डीएसी द्वारा मंजूर परियोजनाओं का विवरण प्रदान करेगा.

क्या है प्रचंड हेलीकॉप्टर की खासियत

प्रचंड हेलीकॉप्टर को खास तौर पर रेगिस्तानी क्षेत्रों और ऊंचाई वाले क्षेत्रों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. प्रचंड हेलीकॉप्टर 16400 फीट की ऊंचाई पर उतर सकता है, तो उड़ान भी भर सकता है. ऐसी क्षमता से लैश प्रचंड दुनिया का एकमात्र लड़ाकू हेलीकॉप्टर है.

तेजस लड़ाकू विमान की खासियत

तेजस लड़ाकू विमान दुनिया का सबसे छोटा और हल्का विमान है. तेजस 2000 किलोमीटर की रफ्तार से उड़ान भर सकता है. जबकि इसका वजन केवल 6500 किलोग्राम है. यह हमले से खुद को सुरक्षित रख सकता है और दुश्मनों पर गोले भी बरसा सकता है. तेजस लड़ाकू विमान मिसाइल, रॉकेट और बम से लैस होता है. तेजस की लंबाई 13.2 मीटर, चौड़ाई 8.2 मीटर और ऊंचाई 4.4 मीटर है.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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