उग्रवादी हिंसा में मृतकों की सही संख्या का पता लगाएगी केंद्र सरकार

नयी दिल्ली: आज लोकसभा में प्रश्‍नकाल के दौरान असम में पिछले दिनों उग्रवादी समूह एनडीएफबी के हमले में मारे गए लोगों की संख्या के विरोधाभासी आंकडों के बारे में सही अनुमान लगाने के संबंध में केंद्र सरकार ने कहा कि वह प्रदेश सरकार से मृतकों की सही संख्या के बारे में जानकारी हासिल करेगी. गृह […]

नयी दिल्ली: आज लोकसभा में प्रश्‍नकाल के दौरान असम में पिछले दिनों उग्रवादी समूह एनडीएफबी के हमले में मारे गए लोगों की संख्या के विरोधाभासी आंकडों के बारे में सही अनुमान लगाने के संबंध में केंद्र सरकार ने कहा कि वह प्रदेश सरकार से मृतकों की सही संख्या के बारे में जानकारी हासिल करेगी.

गृह राज्य मंत्री किरेन रिजीजू ने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान सदस्यों के सवालों के जवाब में बताया कि राज्य सरकार से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार एक और दो मई 2014 को असम के बक्सा जिले के तीन गांवों तथा कोकराझार जिले के एक गांव में एनडीएफबी (सांगबीजित) नामक उग्रवादी समूह के सशस्त्र कैडरों द्वारा हिंसक घटनाओं को अंजाम दिया गया जिनमें महिलाओं और बच्चों समेत 46 नागरिकों की मौत हो गयी तथा दो व्यक्ति घायल हुए.

इससे पूर्व ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोकेट्रिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के बदरुद्दीन अजमल ने यह सवाल उठाते हुए कहा कि असम सरकार ने 46 लोगों के मारे जाने की बात कही है लेकिन असलियत में 52 लोग मारे गए हैं.

गृह राज्य मंत्री रिजीजू ने कहा कि यदि हिंसा का शिकार हुए लोगों की संख्या में कोई अंतर है, जैसा कि सदस्य कह रहे हैं तो सही संख्या राज्य सरकार से पता लगायी जाएगी. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने बक्सा जिले से संबद्ध मृतकों के निकटतम संबंधी को आठ लाख रुपये की अनुग्रह अनुदान राशि का भुगतान किया है. इसमें राज्य योजना के तहत पांच लाख रुपये तथा केंद्रीय योजना के तहत तीन लाख रुपये की राशि शामिल है.

गृह राज्य मंत्री ने बताया कि इसमें केंद्र के हिस्से की राशि जारी की जा चुकी है. कोकराझार के संबंध में उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने प्रत्येक मृतक के निकट संबंधी को आठ लाख रुपये के अनुग्रह अनुदान के वितरण के संबंध में जिला प्रशासन को निधियां जारी की गयी हैं और भुगतान की प्रक्रिया चल रही है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >