NDA के तीन दोस्त संभालेंगे आर्मी, एयर फोर्स और नेवी की कमान, तीनों का है एयरफोर्स से कनेक्शन

नयी दिल्ली : नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) के तीन दोस्त देश की आर्मी, एयरफोर्स और नेवी की कमान संभालने जा रहे हैं. मनोज मुकुंद नरवणे, राकेश कुमार सिंह भदौरिया और करमबीर सिंह ने एक साथ 1976 में डिफेंस एकेडमी में इंट्री ली थी. 44 साल बाद अब तीनों बैचमेट भारत की तीनों सेनाओं (आर्मी, एयर […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | December 18, 2019 10:40 AM

नयी दिल्ली : नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) के तीन दोस्त देश की आर्मी, एयरफोर्स और नेवी की कमान संभालने जा रहे हैं. मनोज मुकुंद नरवणे, राकेश कुमार सिंह भदौरिया और करमबीर सिंह ने एक साथ 1976 में डिफेंस एकेडमी में इंट्री ली थी. 44 साल बाद अब तीनों बैचमेट भारत की तीनों सेनाओं (आर्मी, एयर फोर्स और नेवी) के चीफ बनने जा रहे हैं. इन तीनों के पिता इंडियन एयरफोर्स में सेवा दे चुके हैं.

लेफ्टिनेंट जनरल मनोज मुकुंद नरवणे 31 दिसंबर को 28वें आर्मी चीफ बनेंगे, जब जनरल बिपिन रावत रिटायर हो जायेंगे. वह एनडीए के अपने कोर्समेट- एडमिरल करमबीर सिंह और एयर चीफ मार्शल राकेश कुमार सिंह भदौरिया के साथ मिलकर देश की सेनाओं के शीर्ष पर होंगे. नरवणे के मित्र एडमिरल सिंह 31 मई को देश के 24वें नेवी चीफ बने थे. एयर चीफ मार्शल भदौरिया 30 सितंबर को एयर फोर्स के चीफ बने थे.

लेफ्टिनेंट जनरल नरवणे और एयर चीफ मार्शल भदौरिया एनडीए में ‘लीमा’ स्क्वॉड्रन का हिस्सा थे, तो डमिरल सिंह ‘हंटर’ स्क्वॉड्रन का. इसके पहले दोनों स्क्वॉड्रन मेट भी थे. इसके अलावा, एडमिरल सिंह और लेफ्टिनेंट जनरल नरवणे एनडीए ज्वाइन करने से पहले के दोस्त थे, क्योंकि दोनों ने कुछ साल एक ही स्कूल में पढ़ाई की थी.

यह बहुत ही दुर्लभ है कि एनडीए के 3 कोर्समेट अपनी-अपनी सेनाओं के प्रमुख हैं, क्योंकि इसके लिए जन्मतिथि, कैरियर का रिकॉर्ड, मेरिट, वरिष्ठता जैसी तमाम बातें देखी जाती हैं. सर्विस चीफ 62 साल की उम्र तक या 3 साल तक (जो भी पहले हो) सेवा दे सकता है और दूसरी तरफ थ्री-स्टार जनरल (लेफ्टिनेंट जनरल, एयर मार्शल और वाइस एडमिरल) 60 साल की उम्र में रिटायर हो जाते हैं. इसलिए तीनों बैचमेट का अपनी-अपनी सर्विस में चीफ बनना दुर्लभ होता है.

इसके पहले सिर्फ एक बार ऐसा हुआ है कि एक ही बैच के तीन अफसर तीनों सेनाओं के प्रमुख बने थे. दिसंबर, 1991 में एनडीए के 81वें कोर्स के पासिंग आउट परेड में तीनों सेनाओं के तत्कालीन प्रमुख जनरल एसएफ रॉड्रिग्स, एडमिरल एल रामदास और एयर चीफ मार्शल एनसी सूरी मौजूद थे.