नयी दिल्ली : पुरातात्विक और ऐतिहासिक साक्ष्यों के आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने यह माना है कि अयोध्या में विवादित स्थल पर एक भव्य मंदिर था और उसी आधार पर कोर्ट ने वहां दुबारा मंदिर बनाने की बात कही है. कोर्ट ने जिन साक्ष्यों के आधार पर यह फैसला दिया है, वह साक्ष्य उन्हें हमने उपलब्ध कराया था. उक्त बातें केके मुहम्मद ने कही, जो भारतीय पुरातात्विक विभाग के पूर्व क्षेत्रीय निदेशक (उत्तर) थे.
पुरातात्विक विभाग के निदेशक ने कहा, कोर्ट ने ASI के सुबूतों की पुष्टि कर दी, हम ऐसा ही फैसला चाहते थे
नयी दिल्ली : पुरातात्विक और ऐतिहासिक साक्ष्यों के आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने यह माना है कि अयोध्या में विवादित स्थल पर एक भव्य मंदिर था और उसी आधार पर कोर्ट ने वहां दुबारा मंदिर बनाने की बात कही है. कोर्ट ने जिन साक्ष्यों के आधार पर यह फैसला दिया है, वह साक्ष्य उन्हें हमने […]

केके मुहम्मद ने कहा कि कोर्ट के इस फैसले से हमारे उन सुबूतों की पुष्टि हुई है, जिसे हमने खुदाई में प्राप्त किया था. कोर्ट का यह फैसला बिलकुल वैसा ही है, जैसा हम चाहते थे. हमें कई लोगों के समूह ने डराया और परेशान किया था, क्योंकि हमने इस बात को कहा था कि बाबरी मस्जिद से पहले वहां राम मंदिर था.