कमलेश तिवारी हत्याकांड के दो आरोपियों को गुजरात ATS ने दबोचा, आज लाया जाएगा लखनऊ

नयी दिल्लीः लखनऊ के बहुचर्चित हिंदू समाज पार्टी के नेता कमलेश तिवारी हत्याकांड के दोनों मुख्य आरोपियों को आखिरकार पकड़ लिया गया है. गुजरात एटीएस ने दोनों मुख्य आरोपियों को राजस्थान बॉर्डर के पास से गिरफ्तार किया. घटना के पांच दिन बाद पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली. दोनों आरोपियों को तिवारी की हत्या की जांच […]

नयी दिल्लीः लखनऊ के बहुचर्चित हिंदू समाज पार्टी के नेता कमलेश तिवारी हत्याकांड के दोनों मुख्य आरोपियों को आखिरकार पकड़ लिया गया है. गुजरात एटीएस ने दोनों मुख्य आरोपियों को राजस्थान बॉर्डर के पास से गिरफ्तार किया. घटना के पांच दिन बाद पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली. दोनों आरोपियों को तिवारी की हत्या की जांच कर रही उत्तर प्रदेश पुलिस के हवाले किया जाएगा.

दोनों आरोपी सूरत के निवासी हैं. आरोपी अशफाक शेख 34 साल का और मोइनुद्दीन पठान 27 साल का है. सूरत से तीन और लोगों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है. हालांकि पुलिस ने इन दोनों के नामों का पहले खुलासा नहीं किया था. दोनों हत्यारों को लखनऊ में कई जगह लगे सीसीटीवी कैमरों में देखा गया था.

गुजरात आतंक रोधी दस्ते (एटीएस) के पुलिस उपमहानिरीक्षक हिमांशु शुक्ला ने बताया कि मंगलवार शाम गुजरात-राजस्थान सीमा पर शामलाजी के पास से उन्हें तब गिरफ्तार किया गया जब वे गुजरात में घुसने वाले थे. गुजरात एटीएस के डीआईजी हिमांशु शुक्ला ने कहा कि कमलेश तिवारी (Kamlesh Tiwari) की हत्या के दो वांटेड आरोपी अशफाक और मोइनुद्दीन पठान को गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने कहा कि हमारे पास इनपुट था कि दोनों आरोपी गुजरात में दाखिल हो रहे हैं. इसके बाद हमने सीमा पर दबिश की और उन्हें धर दबोचा.

पुलिस अधिकारी ने बताया कि तकनीकी सर्विलांस के जरिए उनकी स्थिति का पता लगाया गया, जब दोनों ने फरार होने के बाद अपने परिवार और दोस्तों से बात की. खुलासा हुआ है कि लखनऊ में कमलेश तिवारी से मिलने दोनों अपना असली नाम बदलकर गए थे. अशफाक जहां रोहित तो वहीं मोइनुद्दीन संजय बनकर कमलेश तिवारी से मुलाकात करने पहुंचा था. दोनों आरोपियों ने हत्या करने की बात कुबूल कर ली है.

यूपी पुलिस के लिए बड़ी परेशानी का सबब बने हत्याकांड के साजिशकर्ताओं को पकड़ना आसान नहीं था. घटना के बाद यूपी पुलिस ने कई राज्यों की पुलिस से सम्पर्क साधा और कई जगह दबिश दी. दरअसल, आरोपियों को जब पैसे की किल्लत होने लगी तो उन्होंने अपने परिचितों से सम्पर्क करना शुरू किया. इस वजह से ये आरोपी गुजरात एटीएस के हत्थे चढ़ गए.

गौरतलब है कि हिंदू समाज पार्टी के नेता कमलेश तिवारी की बीते शुक्रवार को लखनऊ में उनके घर में घुसकर हत्या कर दी गई थी. एक दिन पहले ही कमलेश तिवारी की हत्या में शामिल दो लोगों में से किसी एक की सूचना देने वाले को 2.50 लाख रुपये का नगद इनाम दिए जाने की घोषणा की गई थी. अगर यह सूचना दोनों के लिए होगी तो राशि 5 लाख रुपये हो जाएगी. यह ऐलान उत्तर प्रदेश पुलिस के डीजीपी की ओर से किया गया था.

बता दें कि बीते रविवार को उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ (Yogi Adityanath) ने कमलेश तिवारी के परिजनों से रविवार को मुलाकात की थी. कमलेश तिवारी की मां ने इस मुलाकात पर असंतोष जताया था. अब आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद कमलेश की मां कुसुम तिवारी ने दोनों को फांसी देने की मांग की है.

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