कश्मीर घाटी में एहतियाती तौर पर फिर प्रतिबंध, श्रीनगर की प्रमुख मस्जिदों में नहीं हुई जुमे की नमाज

श्रीनगर : कश्मीर घाटी में जुमे की नमाज के मद्देनजर एहतियाती तौर पर फिर से प्रतिबंध लगाये गये. जुमे की नमाज शांतिपूर्ण रही. घाटी में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत प्रतिबंध लगाये गये हैं. लोगों से बाहर ना जाने को कहा गया है और अवरोधक भी लगा दिये गये हैं. शहर के अंदरूनी हिस्सों […]

श्रीनगर : कश्मीर घाटी में जुमे की नमाज के मद्देनजर एहतियाती तौर पर फिर से प्रतिबंध लगाये गये. जुमे की नमाज शांतिपूर्ण रही. घाटी में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत प्रतिबंध लगाये गये हैं. लोगों से बाहर ना जाने को कहा गया है और अवरोधक भी लगा दिये गये हैं.

शहर के अंदरूनी हिस्सों और घाटी में स्थित मस्जिदों में जुमे की नमाज शांतिपूर्ण रही, लेकिन घाटी में लगातार तीसरे हफ्ते प्रमुख मस्जिदों में कहीं नमाज अदा नहीं की गयी. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि नमाज शांतिपूर्ण रही और घाटी में कहीं भी किसी अप्रिय घटना की कोई खबर नहीं है. कश्मीर घाटी में बाजार बंद रहने और सार्वजनिक वाहनों के सड़कों से नदारद रहने के चलते जनजीवन लगातार 26वें दिन भी प्रभावित रहा. घाटी के कई हिस्सों में टेलीफोन सेवाएं हालांकि बहाल कर दी गयी हैं, लेकिन मोबाइल टेलीफोन सेवाएं और सभी इंटरनेट सेवाएं पांच अगस्त से ही निलंबित हैं.

केंद्र सरकार ने पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान हटाने और जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख को अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाने का फैसला किया था जिसके बाद ये सेवाएं निलंबित कर दी गयी थीं. अधिकतर शीर्ष स्तर के और दूसरे दर्जे के राजनेताओं को एहतियाती तौर पर हिरासत में लिया गया है. वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती सहित कई मुख्यधारा के राजनेताओं को हिरासत में लिया गया है या वे नजरबंद हैं.

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