दिल्ली में यमुना नदी खतरे के निशान को छू रही है. यमुना के रौद्र रूप से आस-पास के गांव में दहशत का माहौल है. इस बीच मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज दोपहर आपात बुलाई है. इस बैठक में यमुना के बढ़ते जलस्तर को लेकर तैयारियों पर बातचीत होगी. बैठक में बाढ़ और राहत कार्य से संबंधित दिल्ली की तमाम एजेंसियों को बुलाया गया है.
बता दें कि बारिश से हरियाणा और पंजाब में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गये हैं. हथिनी कुंड बैराज पर यमुना का जलस्तर बढ़कर साढ़े तीन लाख क्यूसेक पहुंच गया है, जो खतरे के निशान से ऊपर है.
हथिनी कुंड बैराज (ताजेवाला) से रविवार शाम छह बजे 8,28,072 क्यूसेक पानी यमुना नदी में छोड़ने से दिल्ली और नोएडा में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है.यमुना में इतना पानी अबतक नहीं छोड़ा गया था. 1978 में यमुना में सबसे बड़ी बाढ़ आई थी और तब हरियाणा से 7 लाख क्यूसेक ही पानी छोड़ा गया था.
गौतम बुद्ध नगर जिला प्रशासन के प्रवक्ता राकेश चौहान ने बताया कि पानी के मंगलवार की रात तक नई दिल्ली में ओखला बैराज पर पहुंचने की संभावना है.
