नयी दिल्लीः टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौनी को इंडियन टेरिटोरियल आर्मी के साथ दो महीना ट्रेनिंग पर रहने की इजाजत मिल गयी है.इसकी इजाजत उन्हें आर्मी के चीफ बिपिन रावत ने दी है. धोनी अब टेरिटोरियल आर्मी के ‘पैराशूट रेजिमेंट’ में दो महीने की ट्रेनिंग लेंगे. यह ट्रेनिंग कश्मीर में होगी.
धौनी 31 जुलाई को 106 टेरिटोरियल आर्मी बटालियन (पैरा) जॉइन करेंगे. लेफ्टिनेंट कर्नल के मानद उपाधि प्राप्त धौनी के बारे में जानकारी दी गयी है कि वो 31 जुलाई से 15 अगस्त बटालियन के साथ रहेंगे. धौनी के जिम्मे पैट्रोलिंग, गार्ड और पोस्ट की ड्यूटी रहेगी. वह जवानों के साथ ही रहेंगे.
कश्मीर घाटी में उनकी यूनिट दक्षिण कश्मीर के अवंतीपोरा में विक्टर फोर्स का हिस्सा है, जो पिछले कुछ वर्षों से आतंकवादी गतिविधियों का केंद्र रहा है. बता दें कि धौनी को 2011 में इंडियन टेरिटोरियल आर्मी में लेफ्टिनेंट कर्नल का रैंक दिया गया था. धौनी 2015 में एक क्वालीफाइड पैराट्रपर बने. उन्होंने आगरा स्थित ट्रेनिंग कैम्प में ट्रेनिंग के रूप में आर्मी के विमान से पांच बार पैराशूट के साथ कूद लगायी.
धौनी का आर्मी प्रेम जागजाहिर है. उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कि वह बचपन से ही फौजी बनना चाहते थे.उनका क्रिकेट किट बैग भी अक्सर फौज के रंग का होता है. हाल ही में उन्होंने वर्ल्ड कप के एक मैच में अपने कीपिंग ग्लव्स में बलिदान बैज लगाया था जिस पर विवाद हो गया था. बाद में आईसीसी ने बलिदान बैज वाले ग्लव्स पहनने से धोनी को रोक दिया था.
माना जा रहा था कि वर्ल्ड कप-2019 के बाद धोनी क्रिकेट को अलविदा कह देंगे और उनके संन्यास को लेकर पिछले काफी समय से अटकलें चल रही हैं. इस बीच उन्होंने वेस्टइंडीज दौरे पर जाने के लिए उन्होंने बीसीसीआई से छुट्टी ले ली थी. धोनी ने कहा था वह सैनिकों के साथ समय बिताएंगे.
