#Chandrayaan2 मिशन की सफलता में इन महिलाओं का है अहम योगदान

आज 20 जुलाई है और खास बात यह है कि आज ही के दिन 1969 में नील आर्मस्ट्रांग और बज एल्ड्रिन ने चांद की धरती पर कदम रखा था. उस चांद पर जो हमेशा पृथ्वी के लोगों के लिए रहस्यमयी और आकर्षित करने वाला था. लेकिन आज भी चांद को लेकर वैज्ञानिकों की जिज्ञासा कम […]

आज 20 जुलाई है और खास बात यह है कि आज ही के दिन 1969 में नील आर्मस्ट्रांग और बज एल्ड्रिन ने चांद की धरती पर कदम रखा था. उस चांद पर जो हमेशा पृथ्वी के लोगों के लिए रहस्यमयी और आकर्षित करने वाला था. लेकिन आज भी चांद को लेकर वैज्ञानिकों की जिज्ञासा कम नहीं हुई है और वे इस प्रयास में हैं कि चांद को ज्यादा से ज्यादा जाना जाये. इसी क्रम में भारत ने चंद्रयान-1, 22 अक्तूबर, 2008 को श्रीहरिकोट से सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया था. इस यान को भारत की अंतरिक्ष एजेंसी इसरो ने तैयार किया था. अब भारत चंद्रयान-2 को चंद्रमा पर भेजने की तैयारी कर रहा है. इस मिशन की खास बात यह है कि इस मिशन को हेड करने वाली दो प्रमुख पदाधिकारी महिला हैं. इतना ही नहीं इस मिशन में काम करने वाले लगभग 30 प्रतिशत सदस्य महिलाएं हैं. इस संबंध में जानकारी इंडियन स्पेस रिसर्च अॅागनाइजेशन के चेयरमैन के शिवम्‌ ने दी थी.

चंद्रयान-2 अभियान का नेतृत्व कर रही हैं दो महिलाएं

चंद्रयान-2 की प्रोजेक्ट हेड मुथैया वनिता हैं. वे पूरे मिशन का नेतृत्व कर रही हैं. वनिता इलेक्ट्रॉंनिक सिस्टम इंजीनियर हैं. उन्हें लगभग डेढ़ साल पहले इस मिशन की जिम्मेदारी सौंपी गयी थी. इसरो ने 2006 में वनिता को बेस्ट साइंटिस्ट का अवार्ड भी दिया था. हालांकि शुरुआत में वनिता इस जिम्मेदारी को लेने में हिचकिचा रहीं थीं, लेकिन बाद में वे मान गयीं. वे लगभग 20 वर्षों से इसरो के साथ काम कर रही हैं. चंद्रयान-2 की डिप्टी अॅापरेशन डायरेक्टर हैं ऋतु कारिधवाल श्रीवास्तव. उन्होंने भारत के मंगल मिशन में भी भूमिका निभाई थीं, वे इस मिशन में डिप्टी अॅापरेशन मैनेजर थीं. ऋतु लखनऊ की रहने वाली हैं और इन्होंने एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में आईआईटी, बंगलुरू से मास्टर्स की डिग्री ली है. उन्हें 2007 में इसरो ने बेस्ट युवा वैज्ञानिक का अवार्ड दिया था.

चंद्रमा पर पैर रखने वाले पहले भारतीय थे राकेश शर्मा

अन्य देशों की तरह भारतीय वैज्ञानिक भी चंद्रमा को समझने में जुटे हैं. पहली बार 1984 में भारतीय अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा ने अंतरिक्ष की धरती पर कदम रखा था और आज भारत अपने अभियान के तहत चंद्रयान-2 को अंतरिक्ष में भेजने की तैयारी कर रहा है. भारत का पहला चंद्र अभियान, चंद्रयान-1, 22 अक्तूबर, 2008 को श्रीहरिकोट से सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया था. इस यान को भारत की अंतरिक्ष एजेंसी इसरो ने तैयार किया था. अब 22 जुलाई को चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग संभव है.

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