चुनाव आयोग ने कहा - वीवीपैट की पर्चियों के पांच गुना अधिक मिलान से मतगणना ज्यादा लंबित नहीं होगी

नयी दिल्ली : वीवीपैट की पर्चियों का ईवीएम के मतों से मिलान करने के बारे में उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद मतगणना के समय में महज तीन से चार घंटे तक अतिरिक्त समय लगेगा. न्यायालय ने सोमवार को विपक्षी दलों की याचिका पर फैसला सुनाते हुए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के किन्हीं पांच मतदान केंद्रों […]

नयी दिल्ली : वीवीपैट की पर्चियों का ईवीएम के मतों से मिलान करने के बारे में उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद मतगणना के समय में महज तीन से चार घंटे तक अतिरिक्त समय लगेगा.

न्यायालय ने सोमवार को विपक्षी दलों की याचिका पर फैसला सुनाते हुए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के किन्हीं पांच मतदान केंद्रों की वीवीपीएटी मशीनों की पर्चियों का ईवीएम के मतों से मिलान करने का चुनाव आयोग को आदेश दिया है. मौजूदा व्यवस्था में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के किसी एक मतदान केंद्र की वीवीपीएटी पर्चियों का ईवीएम के मतों से मिलान किया जाता है. आयोग ने अदालत के आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू करने का भरोसा जताया है. अदालत के फैसले के बाद आयोग को अब देश में कुल 4120 विधानसभा क्षेत्रों के 20600 मतदान केंद्रों की वीवीपैट पर्चियों का ईवीएम के मतों से मिलान करना पड़ेगा. आयोग के सूत्रों ने बताया कि अदालत के फैसले से मतगणना के समय में बहुत अधिक इजाफा नहीं होगा.

आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, हालांकि उम्मीदवार ईवीएम की मतगणना के आधार पर चुनाव परिणाम से अवगत हो जायेंगे, लेकिन वीवीपैट की पर्चियों का ईवीएम से मिलान में लगनेवाले अतिरिक्त समय के कारण चुनाव परिणाम की आधिकारिक घोषणा में दो से तीन घंटे का विलंब होगा. उन्होंने बताया कि किन्हीं पांच मतदान केंद्रों की वीवीपैट की पर्चियों का ईवीएम के मतों से मिलान करने के लिए अगर चुनाव आयोग पांच अलग दलों को तैनात कर लेता है, तो चुनाव परिणाम की आधिकारिक घोषणा में अतिरिक्त समय नहीं लगेगा. पांच से कम दल तैनात किये जाने पर ही अतिरिक्त समय लगेगा. उल्लेखनीय है कि देश में कुल 4120 विधानसभा क्षेत्रों में 10.35 लाख मतदान केंद्र हैं. एक मतदान केंद्र पर मतदाताओं की संख्या औसतन 800 से 2500 के बीच होती है. पांच केंद्र शासित क्षेत्रों (चंडीगढ़, दमन एवं दीव, लक्षद्वीप, अंडमान एवं निकोबार और दादर एवं नगर हवेली) में विधानसभा नहीं होने के कारण आयोग को इन क्षेत्रों से 25 मतदान केंद्रों की भी वीवीपीएटी पर्चियों का ईवीएम के मतों से मिलान करना होगा.

पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्तों ने उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हुए इसे मतदाताओं में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव प्रणाली के प्रति विश्वास बहाली की दिशा में मददगार बताया. पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी ने कहा कि अदालत के फैसले से चुनाव प्रक्रिया के प्रति मतदाताओं में विश्वास बहाली के प्रयासों को बल मिलेगा. कुरैशी ने 50 फीसदी वीवीपैट पर्चियों का ईवीएम के मतों से मिलान करने पर चुनाव परिणाम में देरी होने की आयोग की दलील को गलत बताया. पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने भी कहा, यह अच्छा फैसला है. इससे लोगों का चुनाव प्रक्रिया में विश्वास बढ़ेगा. पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त वीएस संपत ने कहा कि न्यायालय के फैसले से ईवीएम की विश्वसनीयता को लेकर जारी विवाद थमेगा. उन्होंने कहा कि इससे मतगणना का समय बढ़ने की आशंकाएं गलत साबित होंगी.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >