समझौता एक्सप्रेस मामला : मारे गए लोगों के परिजनों ने कहा, हमें न्याय नहीं मिला

नयी दिल्ली : समझौता एक्सप्रेस में मारे गये मोहम्मद जाविद करीब 12 साल तक फैसले के इंतजार में रहे कि उनके भाई एवं उनके परिवार को न्याय मिलेगा. 2007 के समझौता एक्सप्रेस में इस परिवार नें अपनों को खोया था. लेकिन अदालत ने स्वामी असीमानंद सहित चार आरोपियों को बरी कर दिया. इस फैसले से […]

नयी दिल्ली : समझौता एक्सप्रेस में मारे गये मोहम्मद जाविद करीब 12 साल तक फैसले के इंतजार में रहे कि उनके भाई एवं उनके परिवार को न्याय मिलेगा. 2007 के समझौता एक्सप्रेस में इस परिवार नें अपनों को खोया था. लेकिन अदालत ने स्वामी असीमानंद सहित चार आरोपियों को बरी कर दिया. इस फैसले से जाविद बेहद परेशान हो गए हैं.
विस्फोट में जाविद ने अपने भाई शब्बीर के अलावा, भाभी समीना एवं उनके तीन बेटे- शाहबाज, शहरयार, शाहरोज और बेटी मिसबाह को खोया. इसके अलावा उनके पांच रिश्तेदार भी इस विस्फोट में मारे गए. 37 वर्षीय जाविद ने गया से फोन पर बताया, ‘‘ हमें न्याय नहीं मिला. असल गुनाहगार अब भी बाहर हैं. यह सही फैसला नहीं है.” जाविद ने कहा कि 2008 में उनकी मां की मौत सदमे से हो गई थी.
इस घटना को याद करते हुए जाविद ने कहा कि विस्फोट रात में हुआ था और उन्हें इसकी जानकारी सुबह मिली. जाविद ने कहा कि केंद्र से उन्हें घोषणा के मुताबिक 10 लाख रुपये का मुआवजा भी नहीं मिला क्योंकि शब्बीर और उनके परिवार का डीएनए सैंपल में मिलान नहीं हुआ.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >