नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के स्मरण में सौ रुपये का सिक्का जारी किया. यह सिक्का अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन से एक दिन पूर्व जारी किया गया है. इस अवसर परनरेंद्र मोदी ने कहा कि कुछ लोगों के लिए सत्ता जहां ऑक्सीजन के समान है, वहीं वाजपेयी अपने सार्वजनिक जीवन में लंबे समय तक विपक्ष में बैठक कर राष्ट्रहित से जुड़े विषय उठाते रहे. उन्होंने कहा कि सिद्धांतों और कार्यकर्ता के बल पर अटलजी ने इतना बड़ा राजनीतिक संगठन खड़ा कर दिया और काफी कम समय में देशभर में उसका विस्तार भी किया . उन्होंने कहा कि अटलजी के बोलने का मतलब देश का बोलना और सुनने का मतलब देश को सुनना था . अटलजी ने लोभ और स्वार्थ की बजाय देश और लोकतंत्र को सर्वोपरि रखा और उसे ही चुना .
मोदी ने कहा कि अटल जी चाहते थे कि लोकतंत्र सर्वोच्च रहे. उन्होंने जनसंघ बनाया, लेकिन जब हमारे लोकतंत्र को बचाने का समय आया तब वह और अन्य जनता पार्टी में चले गए. इसी तरह जब सत्ता में रहने या विचारधारा पर कायम रहने के विकल्प की बात आई तो उन्होंने जनता पार्टी छोड़ दी और भाजपा की स्थापना की. उन्होंने कहा ‘‘मन अब भी यह मानने को तैयार नहीं है कि अटल जी अब हमारे साथ नहीं हैं. वह समाज के सभी वर्गों के प्रति प्रेम रखने वाले और सम्मानित व्यक्ति थे. एक वक्ता के रूप में, वह अद्वितीय थे. उनका निधन इसी वर्ष 16 अगस्त को हुआ था.
इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोला और कहा कि वह सत्ता से बाहर रह नहीं सकती, इसलिए बौखलाई हुई है और किसी भी तरह सत्ता हासिल करना चाह रही है. इस अवसर पर वाजपेयी जी के परिवार वाले और वरिष्ठ भाजपा नेता लाल कृष्ण आडवाणी भी मौजूद थे.
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