नयी दिल्ली : बिजली मंत्री पीयूष गोयल ने देश के उत्तरी हिस्से में ब्लैकआउट जैसी स्थिति नहीं होने देने के प्रति आश्वस्त करते हुए आज कहा कि सरकार कोयले की आपूर्ति के लिए पर्याप्त बंदोबस्त कर रही है. हालांकि, 20 तापीय बिजली संयंत्रों के पास सिर्फ चार दिन का कोयला है.
संवाददाताओं के सवालों के जवाब में गोयल ने कहा कि बिजली संकट राष्ट्रीय समस्या है, लेकिन बिजली संयंत्र बंद नहीं होंगे. उनसे पूछा गया था कि क्या कोयले के संकट की वजह से उत्तरी क्षेत्र में ‘ब्लैकआउट’ जैसी स्थिति बन सकती है.
केंद्रीय बिजली प्राधिकरण (सीईए) की नवीनतम रपट के अनुसार देश के कम से कम 20 बिजलीघरों का इंधन भंडार चार दिन से भी कम का है. वहीं 38 अन्य बिजली संयंत्रों के पास सात दिन से कम का कोयला भंडार है. उत्तरी क्षेत्र में दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तरप्रदेश, हिमाचलप्रदेश, उत्तराखंड व राजस्थान आते हैं. इनके छह बिजली घरों के पास सात दिन से कम और इनमें भी तीन के पास चार दिन से कम का ईंधन भंडार है.
दक्षिणी क्षेत्र-तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक व केरल के तीन बिजली संयंत्रों के पास चार दिन से भी कम का कोयला भंडार है. वहीं पूर्वी राज्यों बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल व झारखंड के चार बिजली संयंत्रंे के पास भी चार दिन से कम का कोयला भंडार है. इस बीच गोयल ने आज वित्त मंत्री अरण जेटली से मुलाकात की.
