सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला इतिहासकार रोमिला थापर की याचिका पर सुनाया है. आज सुबह रोमिला थापर, प्रभात पटनायक और सतीश देशपांडे ने भीमा कोरेगांव मामले में एक्टिविस्ट सुधा भारद्वाज, गौतम नवलखा की गिरफ्तारी के विरोध में याचिका दायर किया था.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ‘ विरोध करने का अधिकार लोकतंत्र का सुरक्षा वाल्व है. अगर विरोध की अनुमति नहीं है तो दबाव से कुकर फट सकता है ‘.
इधर आज गिरफ्तार किये गये तेलुगू कवि वरवर राव, मानवाधिकार कार्यकर्ता वेरनॉन गोंजाल्विस और अरूण फरेरा को एक अदालत में लाया गया. महाराष्ट्र पुलिस ने इन तीनों वामपंथी कार्यकर्ताओं को कल गिरफ्तार किया था और उन्हें बीती रात यहां लाया गया. उन्हें जिला एवं सत्र न्यायाधीश केडी वाधने की अदालत में लाया गया.
