राष्ट्रपति ने जम्मू-कश्मीर में तत्काल प्रभाव से राज्यपाल शासन लागू करने की अनुमति दी : केन्द्रीय गृह मंत्रालय
नयी दिल्ली : जम्मू कश्मीर में राज्यपाल शासन लागू हो गया है. ऐसे में अब राज्य की कमान राज्यपाल एनएन वोहरा के हाथों में होगी. व्यवस्था के अनुसार, शुरुआत में यह छह महीने के लिए प्रभावी होगा. फिर सरकार उसे आगे बढ़ाने या अन्य विकल्पों पर विचार कर सकती है. बुधवार सुबह न्यूज एजेंसी एएनआइ ने खबर दी कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने जम्मू कश्मीर में राज्यपाल शासन को मंजूरी दे दी. एनएन पूर्व प्रशासक हैं और सख्त रुख के लिए जाने जाते हैं. उनके हाथ में चौथी बार राज्य की कमान आयी है.
उल्लेखनीय है कि रमजान खत्म होने के बाद केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने राज्य से युद्ध विराम का फैसला वापस ले लिया था, जिससे जम्मू कश्मीर में उसकी सहयोगी पीडीपी नाराज थी. पीडीपी की नेता महबूबा मुफ्ती भाजपा के साथ साझेदारी कर राज्य में सरकार चला रही थीं. मंगलवार को एक अहम घटनाक्रम में भाजपा ने महबूबा सरकार से समर्थन वापस ले लिया, जिसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया.
इस राजनीतिक परिस्थिति में कोई पार्टी सरकार बनाने के लिए आगे नहीं आयी. विपक्ष के नेता उमर अब्दुल्ला ने गवर्नर से भेंट कर स्पष्ट कर दिया कि उनका समर्थन किसी को नहीं है और न ही उन्हें सरकार बनाने का जनादेश मिला है, इसलिए राज्य में राज्यपाल शासन लगे. ऐसे में यही एक मात्र विकल्प बच जाता है.
भाजपा ने सरकार से समर्थन वापस लेते हुए कहा था कि राज्य में बढ़ती कट्टरता और आतंकवाद के बीच सरकार में बने रहना असंभव हो गया है. मुख्यमंत्री के इस्तीफे के बाद राज्यपाल एनएन वोहरा ने राष्ट्रपति को भेजे गये एक पत्र में राज्य में केंद्र का शासन लागू करने की सिफारिश की थी. इसकी एक प्रति केंद्रीय गृह मंत्रालय को भी भेजी गयी थी. राष्ट्रपति ने वोहरा कि सिफारिश को मंजूरी दे दी है, जिसके बाद आज तत्काल प्रभाव से प्रदेश में राज्यपाल शासन लागू कर दिया गया है.
