कठुआ गैंगरेप मामले में निष्पक्ष जांच हो रही है, दोषियों को बख्शा नहीं जायेगा, घृणित राजनीति ना हो : मीनाक्षी लेखी

नयी दिल्ली : भाजपा प्रवक्ता मीनाक्षी लेखी ने आज कठुआ गैंगरेप मामले पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जायेगा. लेखी ने कहा कि अगर इस देश मेंकिसी भी महिला और बच्ची के साथ कोई अपराध होता है तो सरकार उसके […]


नयी दिल्ली :
भाजपा प्रवक्ता मीनाक्षी लेखी ने आज कठुआ गैंगरेप मामले पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जायेगा. लेखी ने कहा कि अगर इस देश मेंकिसी भी महिला और बच्ची के साथ कोई अपराध होता है तो सरकार उसके साथ खड़ी होगी, इसके अलावा और कोई दूसरा रास्ता नहीं है. मीनाक्षी लेखी ने कहा कि बच्ची, बच्ची होती है हिंदू और मुसलमान नहीं होती है, इसलिए इस मामले मेंकोई घृणित राजनीति ना की जाये और ना ही इस मामले को सांप्रदायिक रंग दिया जाये.

मैं एक भाजपा नेता, प्रवक्ता और एक महिला होने के नाते इस मुद्दे को उठाती रही हूं और पूरे देश को यह विश्वास दिलाना चाहती हूं कि इस मामले मेंदोषियोंको बख्शा नहींजायेगा, उन्हेंसजा होगी. इस मामले को लेकर राजनीति करने और भाजपा पर दोषियों को बचाने के आरोप पर मीनाक्षी लेखी ने पलट वार किया और कहा कि बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बीएस सलाथिया गुलाम नबी आजाद के पोलिंग एजेंट हैंऔर इसके प्रमाण मौजूद हैं. मीनाक्षी लेखी ने कहा कि असम में भी एक महिला के साथ दुर्व्यवहार हुआ है, लेकिन उसे लोग सामने नहींला रहे हैं, लेकिन कठुआ के मामले को गलत तरीके से उठा रहे हैं.

कठुआ गैंगरेप मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने गैंगरेप और उसके बाद में मारी गयी आठ वर्षीय बच्ची की पहचान उजागर करने पर मीडिया हाउसों को लताड़ लगायी है. हाईकोर्ट ने कठुआ बलात्कार पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले मीडिया हाउसों को नोटिस जारी कर पूछा कि उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जाये. कोर्ट ने प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रिपोर्टों में पीड़िता की पहचान जाहिर किये जाने पर स्वत : संज्ञान लिया. पीड़ित बच्ची के पिता ने मीडिया के सामने बयान दिया है कि मैं अपनी बच्ची को रोज याद करता हूं उसकी कमी खलती है. उसके दोषियों को फांसी की सजा मिले.

वहीं आज सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल करके यह मांग की गयी कि कठुआ गैंगरेप मामले में जम्मू के वकीलों ने जिस तरह से कानून के काम में बाधा पहुंचाई उसपर स्वत: संज्ञान लेकर सुनवाई करे. यह याचिका वकील पीवी दिनेश ने दाखिल की है और चीफ जस्टिस की बेंच इसपर सुनवाई कर सकती है.

वहीं जम्मू-कश्मीर के डीजीपी एसपी वैद्य ने कहा कि यह एक घृणित अपराध है. एसआईटी ने इसपर पेशेवर तरीके से काम किया है और चार्टशीट दायर कर दी है, पूरी उम्मीद है कि इस मामले में न्याय होगा.

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