स्टीफन हॉकिंस के जाने से नम है आंखे, पूरी दुनिया से मिल रही है श्रद्धांजलि

नयी दिल्ली / लंदन : ब्रह्मांड की जटिल गुत्थियों को सुलझाने, ब्लैक होल और सिंगुलैरीटी तथा सापेक्षता के सिद्धांत के क्षेत्र में अपने अनुसंधान से महान योगदान देने वाले भौतिकीविद और ब्रह्मांड विज्ञानी स्टीफन हॉकिंस का आज कैम्ब्रिज स्थित उनके आवास पर आज निधन हो गया। वह76 वर्ष के थे. उनके निधन पर कई देशों […]

नयी दिल्ली / लंदन : ब्रह्मांड की जटिल गुत्थियों को सुलझाने, ब्लैक होल और सिंगुलैरीटी तथा सापेक्षता के सिद्धांत के क्षेत्र में अपने अनुसंधान से महान योगदान देने वाले भौतिकीविद और ब्रह्मांड विज्ञानी स्टीफन हॉकिंस का आज कैम्ब्रिज स्थित उनके आवास पर आज निधन हो गया। वह76 वर्ष के थे. उनके निधन पर कई देशों के महत्वपूर्ण लोगों ने श्रद्धांजलि दी है.
भारत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, प्रोफेसर स्टीफन हॉकिंग्स शानदार वैज्ञानिक और शिक्षाविद् थे. उनकी धैर्य और दृढ़ता से पूरी दुनिया प्रभावित रही है. उनकी कमी कभी पूरी नहीं हो सकती . प्रोफेसर हॉकिंग के काम ने दुनिया को रहने के लिए बेहतर बनाया है. भगवान उनकी आत्मा को शांति दे
ब्रिटेन
ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरीजा मे ने जानेमाने ब्रिटिश वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें‘‘ शानदार और असाधारण मस्तिष्क” वाला व्यक्ति करार दिया और कहा कि उनके निधन के बाद भी उनकी विरासत को भुलाया नहीं जा सकेगा। मे ने ट्वीट किया कि हॉकिंग‘‘ अपनी पीढ़ी के महान वैज्ञानिकों में से एक थे” और‘‘ जिंदगी से ज्यादा से ज्यादा हासिल करने का उनका साहस, विनोद और समर्पण एक प्रेरणा की तरह था.
चीन
शारीरिक चुनौतियों के बावजूद विज्ञान जगत में अपनी छाप छोड़ने वाले स्टीफन हॉकिंग को चीन में लाखों लोगों ने आज सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि दी। अपने प्रशंसकों के प्यार को देखते हुए चीन में खासे चर्चित ब्रिटिश वैज्ञानिक ने दो साल पहले वीबो सोशल मीडिया पर अपना अकाउंट खोला था और चीनी तथा अंग्रेजी दोनों में पोस्ट किया. वीबो ट्विटर की तरह का ही सोशल मीडिया प्लेटफार्म है.
अकाउंट खोलने के महज कुछ ही घंटे में उनके दस लाख प्रशंसक उनसे जुड़ गए और अब तक उनकी तादाद पचास लाख हो चुकी है. यहां पर उनके प्रशंसकों ने उन्हें‘ हॉकिंग दादा’ या‘ अंकल हॉकिंग’ जैसा उपनाम दिया. उनके निधन की खबर आते ही वीबो पर यह ट्रेंड करने वाला विषय बन गया और दो लाख कमेंट आ गए.
वैज्ञानिक के निधन को कई ने‘‘ बड़े सितारे का गिरना” बताया. एक यूजर ने कहा, ‘‘ उनका शरीर उन्हें बांध नहीं पाया. आज यह सुपरमानव दिमाग दुनिया छोड़ कर अगली रहस्यमयी यात्रा के लिए निकल चुका है. एक अन्य यूजर ने लिखा, ‘‘ मुझे उम्मीद है दूसरी दुनिया से हमें सूचना भेजने की उनमें शक्ति थी. हॉकिंग ने चीन की यात्रा की थी और2002 में वह चीन की दीवार देखने भी गए थे.

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