नयी दिल्ली : भारतीय सेना के एक और अधिकारी पर हनी ट्रैप में फंसकर सेना की गुप्त सूचनाएं दुश्मनों को देने का आरोप लगा है. भारतीय सेना की काउंटर इंटेलिजेंस विंग ने एक अभियान चलाकर जबलपुर से सेना के एक लेफ्टिनेंट कर्नल रैंक के अधिकारी को हिरासत में लिया है. अधिकारी से पूछताछ की जा रही है.
सेना के इस अधिकारी पर आरोप है कि इसने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के हनी ट्रैप में फंसकर देश के दुश्मनों को खुफिया जानकारी उपलब्ध करायी है. मामले की गंभीरता को देखते हुए सेना का कोई अधिकारी इसके बारे में जानकारी नहीं देना चाहता. यहां तक कि अधिकारी का नाम भी सार्वजनिक नहीं किया गया है.
जानकारी के अनुसार सेना का यह अधिकारी आर्मी के जगलपुर वर्कशॉप में कार्यरत था. अधिकारी के दफ्तर को सील कर दिया गया है. दफ्तर से जांच के लिए कई दस्तावेज और कम्प्यूटर का हार्ड डिस्क भी सेना ने अपने कब्जे में लिया है. सेना के उच्च अधिकारियों को सूचना मिली थी कि आरोपी अधिकारी के खाते में काफी पैसे भी जमा किये गये हैं, हालांकि इसकी अभी पुष्टि नहीं हो पायी है.
पहला नहीं है मामला, एक और अधिकारी पर लगा है आरोप
पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ के लिए जासूसी करने व उसको गोपनीय दस्तावेज उपलब्ध कराने के आरोप में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एयरफोर्स के ग्रुप कैप्टन अरुण मारवाह को पांच दिनों पूर्व दिल्ली से गिरफ्तार किया था. आइएसआइ का एक एजेंट लड़की बनकर अरुण मारवाह से चैट किया करता था. जिसके बाद दोनों में फोन पर लगातार चैटिंग होने लगी. दोनों एक दूसरे को अश्लील मैसेज भेजते थे.
लड़की के रूप में मारवाह को पूरी तरह अपने जाल में फंसाने के बाद आइएसआइ एजेंट ने उनसे कई गोपनीय दस्तावेज की डिमांड की. मारवाह ने कुछ गोपनीय दस्तावेज उसे उपलब्ध भी कराये. एयरफोर्स के वरिष्ठ अधिकारी को जब इसकी जानकारी मिली, तो उन्होंने आंतरिक जांच के आदेश दिये.
जांच में मारवाह की जासूसी में संलिप्तता पाये जाने पर एयरफोर्स के वरिष्ठ अधिकारी ने दिल्ली पुलिस से शिकायत की. मारवाह को हिरासत में लेकर कोर्ट में पेश किया गया. बाद में पटियाला हाउस कोर्ट ने मारवाह को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. जांच अभी भी चल रही है.
