मेडिकल कॉलेज प्रवेश घोटाला मामले में SIT जांच की मांग को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज किया
नयी दिल्ली : मेडिकल कॉलेज एडमिशन घोटाला मामले में न्यायाधीशों के नाम पर कथित तौर पर रिश्वत मामले की जांच एसआईटी से कराने संबंधी याचिका को उच्चतम न्यायालय ने खारिज कर दिया है. यह याचिका वकील कामिनी जायसवाल ने दायर की थी. कोर्ट ने कहा कि इस तरह की याचिकाएं दायर कर संस्थान को नुकसान […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
नयी दिल्ली : मेडिकल कॉलेज एडमिशन घोटाला मामले में न्यायाधीशों के नाम पर कथित तौर पर रिश्वत मामले की जांच एसआईटी से कराने संबंधी याचिका को उच्चतम न्यायालय ने खारिज कर दिया है. यह याचिका वकील कामिनी जायसवाल ने दायर की थी. कोर्ट ने कहा कि इस तरह की याचिकाएं दायर कर संस्थान को नुकसान पहुंचाया गया और उसकी निष्ठा पर अनावश्यक शक जाहिर किया गया.
सुप्रीम कोर्ट ने यह साफ किया कि सीबीआई की एफआईआर किसी न्यायाधीश के खिलाफ नहीं है और न ही उसके लिए एक न्यायाधीश के खिलाफ ऐसा करना संभव है. कोर्ट ने कहा, "हम कानून से ऊपर नहीं हैं लेकिन उचित प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए. न्यायिक आदेश द्वारा किसी न्यायाधीश के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं की जा सकती है."
कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी कहा कि इस तरह की याचिकाएं दायर करना एक तरह से कोर्ट का अपमान है, लेकिन याचिकाकर्ता के खिलाफ न्यायालय की अवमानना का मामला दायर नहीं किया जायेगा.
इससे पहले नौ नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए याचिका पर पुनरीक्षण करने का निर्णय लिया था और न्यायमूर्ति जे चेलमेश्वर की अध्यक्षता वाली दो सदस्यीय पीठ ने याचिका को जल्द सुनवाई की बात कहते हुए इसे पांच सदस्यीय संविधान पीठ के पास भेज दिया था. आज इसी पीठ ने यह फैसला सुनाया है.