संवाददाता, कोलकाता
पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गयी है. इसी क्रम में तृणमूल कांग्रेस के सांसद और पार्टी के राष्ट्रीय भारतीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने रविवार को दक्षिण 24 परगना के मथुरापुर के गोपीनाथपुर मैदान में आयोजित जनसभा से भाजपा पर तीखा हमला बोला. उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि आने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा को 50 से भी कम सीटों पर समेट दिया जायेगा. उन्होंने सभा में उमड़ी भीड़ की ओर इशारा करते हुए कहा, “यह सिर्फ ट्रेलर है, असली फिल्म मई में दिखायी देगी.”
दरअसल भाजपा ने दो मार्च को दक्षिण 24 परगना के रायदीघी से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में ‘परिवर्तन यात्रा’ की शुरुआत की थी. उसी मैदान से रविवार को तृणमूल कांग्रेस ने शक्ति प्रदर्शन किया. बनर्जी ने कहा कि कैमरा उन्हें नहीं, बल्कि जनता की भीड़ को दिखाये, ताकि लोगों को समझ में आये कि बंगाल की जनता किसके साथ है. अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित इस सभा में उन्होंने महिलाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में महिलाओं की भागीदारी राजनीति और प्रशासन के हर स्तर पर दिखायी देती है. उन्होंने कहा कि राज्य की मुख्यमंत्री, वित्त मंत्री, मुख्य सचिव और उद्योग मंत्री महिलाएं हैं और बड़ी संख्या में महिला जनप्रतिनिधि सक्रिय हैं. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आम लोगों के मतदान अधिकार की रक्षा के लिए पिछले तीन दिनों से कोलकाता में धरने पर बैठी हैं. बनर्जी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भाषण का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने बंगाल की अर्थव्यवस्था को लेकर जो आंकड़े दिये, वे वास्तविकता से अलग हैं. उनके अनुसार मोदी सरकार के सत्ता में आने से पहले देश पर 56 लाख करोड़ रुपये का कर्ज था, जो अब बढ़कर 197 लाख करोड़ रुपये हो गया है.
मुख्यमंत्री बनर्जी की सरकार ने पिछले 14 वर्षों में लक्खी भंडार, कन्याश्री, रूपश्री और युवा साथी जैसी कई जनकल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं. युवा साथी योजना के तहत लाखों युवाओं के खातों में पैसे भेजे जा रहे हैं और जल्द ही करीब 79 लाख आवेदकों को इसका लाभ मिलेगा. बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने 100 दिन के काम, आवास योजना और जल जीवन मिशन की राशि रोक दी है. सभा के अंत में उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर चुनावी लड़ाई लड़ने का आह्वान किया और कहा कि यह लड़ाई बंगाल के सम्मान और अधिकारों की रक्षा की लड़ाई है.
