एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी के खिलाफ तृणमूल की महिला विंग का प्रदर्शन

एलपीजी गैस सिलिंडरों की कीमतों में बढ़ोतरी के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस की महिला शाखा ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया.

थाली-बर्तन, करछी व कड़ाही लेकर किया प्रदर्शन

काले वस्त्र पहनकर सड़कों पर उतरीं नेता व कार्यकर्ता

संवाददाता, कोलकाता

एलपीजी गैस सिलिंडरों की कीमतों में बढ़ोतरी के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस की महिला शाखा ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर रविवार को बड़ी संख्या में तृणमूल महिला कांग्रेस की नेता व कार्यकर्ता काली साड़ी और काले वस्त्र पहनकर सड़कों पर उतरीं और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. प्रदर्शन का मुख्य जमावड़ा महानगर के सुबोध मल्लिक स्क्वायर में हुआ, जहां महिलाओं ने थाली-बर्तन, करछी और कड़ाही लेकर गैस की बढ़ती कीमतों के खिलाफ विरोध जताया. प्रदर्शनकारियों ने बर्तन बजाकर भी गैस सिलेंडरों की कीमतों में बढ़ोतरी का विरोध जताया. इस विरोध प्रदर्शन में राज्य की मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य, डॉ शशि पांजा, सांसद माला राय व अन्य महिला नेताओं एवं पार्षदों ने भाग लिया.

वहीं कोलकाता के धर्मतला स्थित धरना मंच पर भी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रतीकात्मक सिलेंडर और बर्तन हाथ में लेकर विरोध दर्ज कराया. एक दिन पहले ही यानी शनिवार को उन्होंने धरना मंच से केंद्र सरकार पर गैस की कीमतें बढ़ाने को लेकर तीखा हमला बोला था. उन्होंने कहा कि घरेलू गैस की कीमतों में हाल ही में 60 रुपये की बढ़ोतरी की गयी है, जबकि इससे पहले भी कीमतें बढ़ायी गयी थीं, जिससे आम लोगों के रसोई खर्च पर असर पड़ रहा है. मुख्यमंत्री बनर्जी ने सवाल उठाया कि जब गैस सिलिंडर की कीमत लगातार बढ़ रही है और बुकिंग के लिए 21 दिन पहले आवेदन करने की बात कही जा रही है, तो ऐसे में जिन घरों में गैस खत्म हो जायेगी, वे इतने दिनों तक खाना कैसे बनायेंगे. इसी के विरोध में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं से काली साड़ी पहनकर सड़कों पर उतरने और बर्तन बजाकर विरोध जताने की अपील की थी, जिसके बाद बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता प्रदर्शन में शामिल हुईं. तृणमूल की महिला नेताओं ने आरोप लगाया कि एलपीजी और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी से परिवारों के लिए दैनिक खर्च चलाना मुश्किल हो गया है.

मंत्री पांजा ने कहा, “रसोई का प्रबंधन मुख्य रूप से महिलाएं करती हैं. अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस से एक दिन पहले, रसोई गैस की कीमत लगभग एक हजार रुपये प्रति सिलिंडर कर दी गयी है. परिवार खाना कैसे पकायेंगे और अपने सदस्यों को भोजन कैसे देंगे?” उन्होंने कहा कि यह विरोध तब तक जारी रहेगा, जब तक कीमतों की बढ़ोतरी का फैसला वापस नहीं लिया जाता.

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