सुबह सात से शाम सात बजे तक लगायी गयी नो इंट्री

समझौता के बाद कारो में तीन दिनों से चला आ रहा आंदोलन समाप्त प्रतिनिधि, पिपरवार : थाना क्षेत्र के कारो गांव में युवक की मौत के बाद ग्रामीणों का तीन

समझौता के बाद कारो में तीन दिनों से चला आ रहा आंदोलन समाप्त प्रतिनिधि, पिपरवार : थाना क्षेत्र के कारो गांव में युवक की मौत के बाद ग्रामीणों का तीन दिनों से चला आ रहा आंदोलन रविवार रात प्रशासन के साथ वार्ता के बाद समाप्त हो गया. टंडवा सीओ के साथ ग्रामीणों की हुई वार्ता में मृतक दीपक उरांव के आश्रित को 10 लाख मुआवजा, उसकी एक बहन को कांट्रैक्ट बेसिस पर नियोजन व सुबह सात बजे से शाम सात बजे तक नो इंट्री लागू करने पर सहमति बनी. इसके बाद पिपरवार पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर अंत्यपरीक्षण के लिए भेज दिया. ज्ञात हो कि शुक्रवार रात आठ बजे अज्ञात वाहन की चपेट में आने से बाइक सवार दीपक उरांव (20) की मौत हो गयी थी. तब से ग्रामीण पिपरवार-टंडवा मार्ग से डंपरों के परिचालन के विरोध में आंदोलन कर रहे थे. आंदोलन की वजह से कारो गांव से चिरैयाटांड़ तक व कल्याणपुर चौक से चौड़ा गांव तक वाहनों की लंबी कतार लग गयी थी. जानकारी के अनुसार दीपक उरांव ठेका मजदूरी कर अपनी मां व दो बहनों की परवरिश करता था. वार्ता में पूर्व विधायक योगेंद्र साव, थाना प्रभारी प्रशांत मिश्रा, विस्थापित नेता इकबाल हुसैन, जेएमएम के मनोज चंद्रा, जेएलकेएम के बालेश्वर मेहता, जितेंद्र कुमार, रामचंद्र उरांव, जेपी महाराज, टंडवा प्रमुख रीनी कुमारी, बहेरा मुखिया रीना देवी सहित कई पंचायत प्रतिनिधि व ग्रामीण शामिल थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >