संवाददाता, पटना श्रीअरविंद महिला कॉलेज में गुरुवार को सड़क सुरक्षा और आपातकालीन चिकित्सा सहायता को लेकर एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया. राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) और पटना ट्रैफिक पुलिस के संयुक्त सहयोग में आयोजित इस सड़क सुरक्षा सह अस्पताल पूर्व प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को सड़क दुर्घटनाओं के समय त्वरित और प्रभावी सहायता प्रदान करने के लिए तैयार करना था. मिशन सफर के तहत आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत कॉलेज की प्रो अंजलि प्रसाद ने कहा कि वर्तमान समय में सड़क दुर्घटनाएं एक गंभीर समस्या बन चुकी हैं. अक्सर लोग घटनास्थल पर घबरा जाते हैं या सही जानकारी के अभाव में घायल की मदद नहीं कर पाते. उन्होंने युवाओं को गुड सेमेरिटन बनने की प्रेरणा देते हुए कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान न केवल छात्राओं को सशक्त बनायेगा, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाते हुए कई बहुमूल्य जानों को बचाने में भी सहायक होगा. प्रशिक्षण सत्र के दौरान कम्युनिटी ट्रैफिक पुलिस के मास्टर ट्रेनर अमलेंदु झा और उनकी टीम ने छात्राओं को अत्यंत सरल भाषा में जीवन रक्षक तकनीकों की जानकारी दी. प्रशिक्षकों ने घायल व्यक्ति का रक्तस्राव रोकने, हड्डी टूटने की स्थिति में स्प्लिंट और स्लिंग बांधने की कला, सिर की चोट पर रीफ नॉट लगाने और गंभीर स्थिति में सीपीआर देने जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं का व्यावहारिक प्रदर्शन किया. इस सत्र में मास्टर ट्रेनर तेजस्विनी राय, अभय कुमार, गौतम कुमार और अंकिता सिन्हा ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया.
श्रीअरविंद महिला कॉलेज- मिशन सफर के तहत छात्राओं ने सीखे जीवनरक्षक उपाय
श्रीअरविंद महिला कॉलेज में गुरुवार को सड़क सुरक्षा और आपातकालीन चिकित्सा सहायता को लेकर एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया
