बिंदापाथर. आदिवासियों का मुख्य त्योहार सोहराय की तैयारी जोर-शोर से की जा रही है. बिंदापाथर क्षेत्र के मोहुलबना, माधवा, मुरहम, लखियाबाद, पुतुलजोड़, चरकादह, पहाड़पुर, सालपातरा आदि गांवों में सोहराय को लेकर घरों की रंगाई पुताई की जा रही है. बताया जाता है कि आदिवासी समुदाय के मुख्य पर्व सोहराय के लिए एक सप्ताह पूर्व से ही सारी तैयारी की जाती है. 10 जनवरी को बांधना स्नान के साथ सोहराय पर्व प्रारंभ होगा, जो 14 जनवरी को मकर संक्रांति के दिन शिकार के साथ समापन होगा. मालूम हो कि बिंदापाथर क्षेत्र आदिवासी बहुल होने के कारण सोहराय की रौनक ही अलग होता है. सोहराय प्रारंभ होने के पूर्व से ही आदिवासी परंपरा के अनुसार मांदर के थाप पर नृत्य गीत से क्षेत्र उत्सवमय हो जाता है.
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