Seraikela Kharsawan News : फाइलेरिया उन्मूलन अभियान लक्ष्य से पिछड़ा, 19% आबादी तक नहीं पहुंची दवा

सरायकेला. फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर जिले में चलाये गये सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम (एमडीए-आइडीए) तय समय से एक सप्ताह बढ़ाये जाने के बावजूद शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल नहीं कर सका. अभियान

सरायकेला.

फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर जिले में चलाये गये सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम (एमडीए-आइडीए) तय समय से एक सप्ताह बढ़ाये जाने के बावजूद शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल नहीं कर सका. अभियान के तहत अब तक महज 81 प्रतिशत आबादी को ही दवा दी जा सकी है. यानी 19 प्रतिशत लोग या तो दवा का सेवन नहीं कर पाये या उनके पास दवा पहुंच ही नहीं पायी. स्वास्थ्य विभाग ने 10 अगस्त से यह अभियान शुरू किया था, जिसमें 25 अगस्त तक जिले की पूरी आबादी को दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया था. पहले दिन बूथों पर और शेष दिनों में सहिया द्वारा घर-घर जाकर दवा खिलाने की व्यवस्था की गयी थी. तय समय में लक्ष्य पूरा न होने पर विभाग ने अभियान को एक सप्ताह बढ़ाकर 2 सितंबर तक किया. फिर भी जिला सिर्फ 81 प्रतिशत उपलब्धि तक ही सीमित रह गया.

11.81 लाख आबादी को खिलानी थी दवा

अभियान के तहत जिला के 11.81 लाख की आबादी को दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया था. इसके लिए 1752 बूथ, 3502 टीम सदस्य व 214 सुपरवाइजर को प्रतिनियुक्त किया गया था. लेकिन समय सीमा पूर्ण हो जाने पर भी विभाग लक्ष्य को प्राप्त करने में असफल रहा.

सरायकेला पिछड़ा, कुचाई अव्वल

फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत दवा सेवन में सबसे खराब स्थिति सरायकेला प्रखंड की रही, जहां मात्र 75 प्रतिशत आबादी ने ही दवा का सेवन किया. इसके विपरीत कुचाई प्रखंड ने 91 प्रतिशत उपलब्धि के साथ सबसे बेहतर प्रदर्शन किया.

राजनगर में सबसे अधिक मरीज

एमडीए-आइडीए कार्यक्रम से पहले स्वास्थ्य विभाग ने जिले के 16 स्थानों पर नाइट ब्लड सर्वे किया था. इस दौरान 4,800 लोगों का सैंपल एकत्रित किया गया, जिनमें से 121 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव पायी गयी. इनमें सबसे अधिक मामले राजनगर प्रखंड से सामने आए.

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Author: AKASH

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