सिमडेगा. सोगड़ा स्थित कैथोलिक चर्च में रविवार को हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ संत मोनिका का पर्व मनाया गया. पर्व का शुभारंभ विशेष मिस्सा पूजा के साथ हुआ. जिसकी अगुवाई पल्ली पुरोहित फादर सिलबानुस केरकेट्टा ने की. उन्होंने अपने प्रवचन में संत मोनिका के जीवन, त्याग और धैर्य को रेखांकित करते हुए कहा कि संत मोनिका आज भी सभी माताओं के लिए आदर्श हैं. जिन्होंने अपने परिवार और समाज के लिए प्रार्थना, धैर्य और प्रेम का संदेश दिया. कार्यक्रम में जिला परिषद सदस्य जोसिमा खाखा भी मुख्य रूप से उपस्थित थीं. उन्होंने संत मोनिका के जीवन से प्रेरणा लेते हुए कहा कि आज के दौर में समाज और परिवार के निर्माण में महिलाओं की भूमिका सबसे अहम है. जिस प्रकार संत मोनिका ने अपने धैर्य और प्रार्थना से अपने पुत्र को नयी दिशा दी, उसी प्रकार हर महिला समाज में परिवर्तन की ध्वज वाहक बन सकती हैं. जोसिमा खाखा ने कहा कि हमारी माताएं और बहनें अपने परिवार के साथ-साथ समाज को भी मजबूत आधार देती हैं. आज जरूरत है कि हम संत मोनिका की तरह धैर्य, प्रेम और आस्था को अपने जीवन में उतारने की. महिलाएं केवल घर तक सीमित नहीं हैं. वह शिक्षा, राजनीति, स्वास्थ्य और सामाजिक कार्यों में भी अग्रणी भूमिका निभा रही हैं. उन्होंने कहा कि संत मोनिका का जीवन हमें धैर्य, विश्वास और त्याग का पाठ पढ़ाता है. जिसे अपनाकर हम अपने समाज को और अधिक सशक्त बना सकते हैं. मौके पर जोसिमा ने आदर्श और प्रेरणादायी महिलाओं को सम्मानित भी किया. इन महिलाओं ने शिक्षा, समाज सेवा और पारिवारिक योगदान में मिसाल कायम की है. मौके पर काफ़ी संख्या में मसीही समुदाय के लोग मौजूद थे.
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