एक अगस्त 2025 को राज्यपाल ने प्रवेश परीक्षा लेने पर रोक लगा थी
-न परीक्षा हुई, न फीस वापसीलाइफ रिपोर्टर @ रांची
रांची विवि प्रशासन की लापरवाही से 2374 पीएचडी अभ्यर्थी पिछले दो वर्षों से असमंजस में हैं. विवि ने सत्र 2024-25 के तहत 463 सीटों पर एडमिशन के लिए नवंबर 2024 में आवेदन मांगा था. प्रति अभ्यर्थी 2000 रुपये शुल्क लेकर कुल 47.48 लाख रुपये जमा भी कर लिये, लेकिन आज तक न प्रवेश परीक्षा हुई और न ही फीस वापस की गयी.छात्रों और विभिन्न छात्र संगठनों ने कई बार विवि से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की, लेकिन प्रशासन ने चुप्पी साध रखी है. इस बीच एक अगस्त 2025 को राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार के निर्देश के बाद पीएचडी प्रवेश परीक्षा पर रोक लगा दी गयी. इसमें कहा गया कि विवि यूजीसी गाइडलाइन -2022 के तहत ही पीएचडी में एडमिशन लेना है. पीएचडी में एडमिशन राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) और झारखंड पात्रता परीक्षा (जेट) के आधार पर भी लेना है. इधर, राज्य सरकार ने नेट पास छात्रों को 25 हजार और जेट पास को 22,500 रुपये प्रोत्साहन देने का प्रावधान किया है, लेकिन विवि की अनिश्चितता से छात्र लाभ से वंचित हो रहे हैं.
जिम्मेदार की बात राज्यपाल के निर्देश के बाद पीएचडी प्रवेश परीक्षा से संबंधित प्रक्रिया सभी विश्वविद्यालयों में रोक दी गयी थी. इस मामले को नवनियुक्त कुलपति के संज्ञान में दे दिया गया है. इस संबंध में लोकभवन से भी आवश्यक दिशा-निर्देश प्राप्त किये जा रहे हैं. साथ ही विवि स्तर पर एक कमेटी गठित कर शीघ्र ही मामले का निबटारा कर लिया जायेगा.-डॉ स्मृति सिंह, पीआरओ, रांची विवि……………
किन विषयों में कितनी सीटें खाली
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टीआरएल—00