-नियम ताक पर… शुक्रवार को फिर जारी हुआ आदेश
– नेशनल मेडिकल कमीशन के निर्देश का दिया गया हवाला, गाइडलाइन के पालन का निर्देशफोटो——ट्रैक पर
मुख्य संवाददाता, रांचीरिम्स के डॉक्टरों को कैपिटल लेटर में जेनेरिक दवाओं को लिखने का निर्देश प्रबंधन ने दोबारा जारी किया है. इससे संबंधित आदेश शुक्रवार को अधीक्षक डॉ हिरेंद्र बिरुआ ने सभी विभागाध्यक्षों को दिया है. इसमें यह स्पष्ट किया गया है कि नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) के नियमों के तहत जेनेरिक दवाएं लिखनी है. दवा साफ और स्पष्ट अक्षर में कैपिटल लेटर में लिखना है. यह भी कहा गया है कि दवाओं की सूची आपको उपलब्ध है, जिसके अनुसार ही दवाएं लिखनी है.
इधर, रिम्स फार्मेसी (नि:शुल्क दवा केंद्र) में 66 तरह की नि:शुल्क दवाएं उपलब्ध हैं. नि:शुल्क दवा केंद्र में उपलब्ध दवाओं की सूची प्रत्येक विभाग के यूनिट इंचार्ज को सौंपी है और उन्होंने सहमति भी ली गयी है. इसके बावजूद डॉक्टर न तो जेनेरिक दवाएं लिख रहे हैं और न ही कैपिटल लेटर का उपयोग कर रहे हैं. एनएमसी ने यह नियम इसलिए बनाया है कि कैपिटल लेटर में जेनेरिक दवाएं लिखी होने से मरीजों को अस्पताल से मुफ्त दवाएं मिल सकें. अगर दवाएं खरीदनी भी पड़े तो सस्ती दर पर उनको किसी निजी दवा दुकान से उपलब्ध हो जाये. ब्रांडेड दवा लिखने से मरीजों और उनके परिजनों को निजी दवा दुकानों पर जाना पड़ रहा है. प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र और अमृत फार्मेसी में भी नहीं मिल रही हैं.प्रबंधन का दावा 1400 दवा के खरीद प्रक्रिया अंतिम चरण में
रिम्स ने 300 दवाओं के लिए विभिन्न कंपनियों से रेट कॉन्ट्रैक्ट किया था, जो अब खत्म होने वाला है. इसके बाद 1400 तरह की दवाओं की खरीद प्रक्रिया शुरू की गयी है, जो अंतिम चरण में है. रिम्स का दावा है कि अनुबंध खत्म होने के बाद भी दवाओं की कमी नहीं होगी.
:::::::::::::::::::::अधीक्षक से सीधी बात
सवाल : डॉक्टर जेनेरिक दवाएं आखिर क्यों नहीं लिख रहे हैं?जवाब : कैपिटल लेटर में जेनेरिक दवा लिखने का निर्देश है, लेकिन कुछ डॉक्टर इसका पालन नहीं करते. दवाएं रिम्स फार्मेसी, अमृत फार्मेसी और जनऔषधि केंद्र में उपलब्ध हैं, लेकिन जब डॉक्टर दवा ही नहीं लिखेंगे, तो मरीज वहां कैसे पहुंचेंगे.
सवाल : विभागों को क्या निर्देश दिया जायेगा, अगर नहीं मानेंगे तो क्या कार्रवाई होगी?जवाब : पहले भी विभागाध्यक्षों के माध्यम से डॉक्टरों को निर्देश दिया गया है. अब दोबारा निर्देश जारी किया जा रहा है. अगर डॉक्टर नियम नहीं मानेंगे तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी.
