पटना जिले के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में 3700 छात्राओं के नामांकन का रखा गया लक्ष्य
संवाददाता, पटनाजिले के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में नये सत्र 2026-27 में नामांकन के लिए 3700 का लक्ष्य रखा गया है. नामांकन की तिथि समाप्त होने के बाद भी लक्ष्य
जिले के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में नये सत्र 2026-27 में नामांकन के लिए 3700 का लक्ष्य रखा गया है. नामांकन की तिथि समाप्त होने के बाद भी लक्ष्य पूरा नहीं होने को लेकर जिला शिक्षा कार्यालय की ओर से निर्धारित तिथि तक शत प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित कराने और नामांकन में आने वाली कठिनाइयों को दूर करने का विशेष प्रयास करने को कहा. इसमें टाइप 4 श्रेणी के स्कूलों में कक्षा 9वीं और 11वीं, टाइप वन श्रेणी के स्कूलों में कक्षा छह, टाइप 3 श्रेणी के स्कूलों में कक्षा छह, नौ और 11वीं में शत प्रतिशत नामांकन कराने का निर्देश दिया है. जिले के कुल 33 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में मई तक 3700 एडमिशन का लक्ष्य रखा गया है. विद्यालय में छात्राओं को आवासीय सुविधा प्रदान की जाती है. 15 मई तक जिले के विभिन्न प्रखंडों के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के प्रधानाध्यापकों को नये सत्र में हुए एडमिशन की सूची जिला शिक्षा कार्यालय भेजने का निर्देश दिया गया है.
केजीबीवी की वार्डन को आगे की कक्षा में नामांकन की सौंपी जिम्मेदारी
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) के वार्डन की बैठक में यह बताया गया है कि ऐसी बालिकाएं जो कक्षा 8वीं में उत्तीर्ण हुईं हैं और जिन्हें वर्ग 9वीं में एडमिशन लेना है, उनके लिए प्रखंड में संचालित वर्ग 9वीं से 12वीं के विद्यालय में नामांकन कराने की जिम्मेदारी दी गयी है. इसके अलावा ऐसे प्रखंड जहां कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में वर्ग 9वीं से 12वीं वाले विद्यालय नहीं हैं, उनके नामांकन के लिए अभिभावकों से बात कर प्राथमिकता के आधार पर छात्रावास में नामांकन कराना है.
प्रधानाध्यापक नामांकन लक्ष्य की करेंगे समीक्षा
जिला शिक्षा कार्यालय की ओर से दिये गये दिशा-निर्देश में प्रधानाध्यापक नामांकन की अर्हता अनुसार नामांकन लक्ष्य के अनुरूप बालिकाओं को चिह्नित कर उनका नामांकन वर्ग छह से 9वीं के विद्यालय में कराना सुनिश्चित करेंगे. निर्धारित किये गये लक्ष्य के अनुसार उपलब्धि की साप्ताहिक समीक्षा भी प्रधानाध्यापकों को करनी होगी. इसके साथ ही नामांकन को प्रवेश उत्सव के रूप में आयोजित कर आम लोगों तक प्रचार- प्रसार की गति भी बढ़ाने का निर्देश दिया है.