धर्मकर्म. भजनों से गूंज रहा है मां भद्रकाली का भदलपुर क्षेत्र : शोभायात्रा में एरावत व सुसज्जित बग्घियां शामिल हुईं इटखोरी. दिगंबर जैन धर्म के 10वें तीर्थंकर भगवान शीतलनाथ की जन्म भूमि भदलपुर में आयोजित पंचकल्याणक प्रतिष्ठा प्रथम महामस्तकाभिषेक महोत्सव के तीसरे दिन गाजे-बाजे के साथ शोभायात्रा निकली. शोभायात्रा में एरावत और दर्जनों सुसज्जित बग्घियां शामिल रहीं. महोत्सव के तीसरे दिन श्रीजी का अभिषेक, भगवान के जन्म की घोषणा, सौधर्म इंद्र का आसन, कन्यायमान, संवाद, सौधर्म इंद्र का आगमन, पिता की आज्ञा, शवि इंद्राणी द्वारा भगवान को लाने की लीला, पांडुकशिला पर भगवान का जन्माभिषेक आदि अनुष्ठान संपन्न कराये गये. भगवान को वस्त्र, आभूषण व शृंगार सौधर्म इंद्र द्वारा भगवान का नामकरण व गर्भकल्याणक की पूजा व आकार शुद्धि की गयी. भगवान का प्रवचन, भगवान द्वारा बाल क्रीड़ा किया गया, उसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस मौके पांडुकशिला पर कलश स्थापित किया गया, जिसमें समाज के लोगों ने अपनी इच्छानुसार राशि की बोली लगायी. झुमरी तिलैया निवासी महामंत्री सुरेश झांझरी व उनकी पत्नी प्रेम झांझरी ने महाराजा व महारानी का पात्र (अभिनय) निभाया. मां भद्रकाली का भदलपुर क्षेत्र भजनों से गूंज रहा है. कार्यक्रम में देश के अलग-अलग राज्यों से जैन समाज के लोग आये हैं. इस मौके पर कर्मयोगी पीठाधीश स्वस्तिश्री रविंद्रकीर्ति स्वामी जी ने कहा कि इस क्षेत्र को जैन सर्किट से जोड़ा जायेगा. पारसनाथ आने वाले लोग इटखोरी भदलपुर, कोल्हुआ पहाड़, राजगीर, पावापुरी घूमे. शोभा यात्रा में जैनमुनि आचार्य श्री भद्रबाहु सागर जी, रविंद्रकीर्ति स्वामी जी समेत काफी संख्या में लोग उपस्थित थे.
पंचकल्याणक प्रतिष्ठा के तीसरे दिन निकली शोभायात्रा

पंचकल्याणक प्रतिष्ठा के तीसरे दिन निकली शोभायात्रा
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धर्मकर्म. भजनों से गूंज रहा है मां भद्रकाली का भदलपुर क्षेत्र : शोभायात्रा में एरावत व सुसज्जित बग्घियां शामिल हुईं इटखोरी. दिगंबर जैन धर्म के 10वें तीर्थंकर भगवान शीतलनाथ