पिछले विस चुनाव में नोटा को मिले प्रत्याशियों से अधिक वोट

प्रतिनिधि, खूंटी विधानसभा चुनाव में नोटा अहम रोल निभाता है. बड़ी संख्या में लोग नोटा में वोट करते हैं. वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव में नोटा को कई प्रत्याशियों से

प्रतिनिधि, खूंटी

विधानसभा चुनाव में नोटा अहम रोल निभाता है. बड़ी संख्या में लोग नोटा में वोट करते हैं. वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव में नोटा को कई प्रत्याशियों से भी अधिक मत मिले थे. वर्ष 2019 के चुनाव में नोटा पांचवें स्थान पर था. नोटा में कुल 3785 मत मिले थे. जबकि उस समय कई प्रत्याशियों को इससे कम मत मिले थे. तब निर्दलीय प्रत्याशी पास्टर संजय कुमार तिर्की को 1653, भारतीय ट्राइबल पार्टी की मीनाक्षी मुंडा को 1623, बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवार सोमा कैथा को 1579, झारखंड पार्टी के उम्मीदवार राम सूर्या मुंडा को 1385, आंबेडकराइट पार्टी के उम्मीदवार कल्याण नाग को 998, जनता दल यूनाइटेड के उम्मीदवार श्याम सुंदर कच्छप को 912 और अखिल भारतीय झारखंड पार्टी के उम्मीदवार विल्सन पूर्ति को 698 मत मिले थे. वहीं, तोरपा विधानसभा क्षेत्र में भी कई प्रत्याशियों को नोटा से कम मत मिले थे. तोरपा में नोटा को कुल 2737 मत मिले थे. वहीं निर्दलीय प्रत्याषी सहदेव चिक बड़ाइक को 1907, लोक जन शक्ति पार्टी की अविनाशी मुंडू को 1121 मत मिले थे.

लोकसभा चुनाव में नोटा को ज्यादा मत :

लोकसभा चुनाव 2024 में भी नोटा में काफी मत मिले थे. लोकसभा चुनाव में विजेता और उपविजेता के बाद सबसे अधिक नोटा को ही मत मिला था. वर्ष 2024 लोकसभा चुनाव में नोटा को 21919 मत मिला था. वहीं बहुजन समाज पार्टी से सावित्री देवी को 12300, निर्दलीय बसंत लोंगा को 10755, झारखंड पार्टी की प्रत्याशी अर्पणा हंस को 8532, निर्दलीय प्रत्याशी पास्टर संजय तिर्की को 4963, भारत आदिवासी पार्टी बबीता कच्छप को 4594 मत मिला था.

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By Prabhat Khabar News Desk

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