माॅनसून में भी झुलस रहा शहर, पारा 38 के पार

माधव 34 से 36जुलाई के अंत तक मई-जून सी गर्मी का अहसासबेहाल कर देने वाली तपिश से जूझ रहे शहरवासी स्कूल, कॉलेज व कार्यालयों में भी लोग हैं परेशानवरीय

माधव 34 से 36

जुलाई के अंत तक मई-जून सी गर्मी का अहसास

बेहाल कर देने वाली तपिश से जूझ रहे शहरवासी

स्कूल, कॉलेज व कार्यालयों में भी लोग हैं परेशान

वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर

उत्तर बिहार इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है. जहां जुलाई के अंत में भी मई व जून जैसी तपिश महसूस की जा रही है.भरे मॉनसून में भी पारे का चढ़ना जारी है. इसने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है. करीब दस दिनों बाद बुधवार को दिन का पारा फिर 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. लोगों को झुलसाती धूप और उमस भरी गर्मी ने बेहाल कर दिया. सुबह से लेकर शाम तक मौसम शुष्क बना रहा. इसने गर्मी के प्रभाव को और भी बढ़ा दिया. शहरवासी लगातार बढ़ती गर्मी व उमस से बेचैन नजर आए. धूप इतनी तेज थी कि बाहर निकलना मुश्किल हो गया था. बच्चों व बुजुर्गों के लिए यह गर्मी विशेष रूप से परेशानी का सबब बन रही है.

फिलहाल राहत की उम्मीद नहीं

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, फिलहाल अगले एक सप्ताह तक गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद कम है. अनुमान है कि जुलाई के अंत तक तापमान में लगातार वृद्धि जारी रहेगी और मौसम शुष्क बना रहेगा. यह स्थिति किसानों के लिए भी चिंता का विषय है, क्योंकि बारिश की कमी फसलों को नुकसान पहुंचा सकती है. बुधवार को मुजफ्फरपुर में अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5.4 डिग्री अधिक है. वहीं, न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0.5 डिग्री कम है. हवा की गति 4.9 किलोमीटर प्रति घंटा और हवा की दिशा उत्तरी रही. उत्तरी हवाएं आमतौर पर ठंडी होती हैं, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में ये गर्मी से कोई खास राहत नहीं दे पा रही हैं.

जलवायु परिवर्तन के कारण हो रहा बदलाव

विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण इस तरह के अप्रत्याशित मौसमी बदलाव देखने को मिल रहे हैं. जुलाई में भी सामान्य से अधिक तापमान चिंताजनक है और यह भविष्य में और भी चरम मौसमी घटनाओं का संकेत हो सकता है. प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे गर्मी से बचाव के लिए आवश्यक उपाय करें. स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने जुलाई के महीने में ऐसी गर्मी पहले कभी महसूस नहीं की. स्कूल, कॉलेज और कार्यालयों में भी लोग गर्मी से परेशान दिखे. कूलर और एयर कंडीशनर भी इस भीषण गर्मी में नाकाफी साबित हो रहे हैं.

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