एमयू ने स्थानांतरित किये गये कर्मियों को विरमित किये जाने पर अगले आदेश तक लगायी रोक
मुंगेर. विश्वविद्यालय स्तरीय सात सूत्री और राज्य स्तरीय 15 सूत्री मांगों के समर्थन में बिहार राज्य विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर कमलबंद हड़ताल पर गये मुंगेर विश्वविद्यालय के कर्मचारी दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे. वहीं दूसरे दिन विश्वविद्यालय की ओर से एमयू के अंतर्गत 18 नये राजकीय महाविद्यालयों में शिक्षकेतर कर्मियों के स्थानांतरण आदेश के बाद शिक्षकेतर कर्मी और उग्र हो गये और विश्वविद्यालय के गेट में तालाबंदी कर दी. इधर शिक्षकेतर कर्मियों की तालाबंदी के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा स्थानांतरित किये गये शिक्षकेतर कर्मियों को कॉलेजों से विरमित किये जाने पर अगले आदेश तक रोक लगा दी गयी है.
शिक्षकेतर कर्मियों ने विश्वविद्यालय के गेट में जड़ा ताला
एमयू के शिक्षकेत्तर कर्मचारी गुरुवार को भी अपने मांगों को लेकर पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत कलमबंद हड़ताल पर रहे. इस बीच बुधवार को विश्वविद्यालय द्वारा 18 नये राजकीय डिग्री कॉलेज में कर्मियों के स्थानांतरण आदेश से नाराज शिक्षकेतर कर्मी पूर्वाह्न 11 बजे के बाद जैसे ही अधिकारी विश्वविद्यालय पहुंचे. विश्वविद्यालय में तालाबंदी कर दी. इसके साथ ही विश्वविद्यालय के बाहर अपने मांगों के समर्थन और शिक्षकेतर कर्मियों के स्थानांतरण आदेश को रद्द करने की मांग करते हुए धरने पर बैठ गये. इस दौरान कर्मी अपनी मांगों के समर्थन में नारे भी लगाते रहे. इसके साथ ही शिक्षकेतर कर्मियों के स्थानांतरण आदेश को वापस नहीं लेने पर शुक्रवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का भी निर्णय लिया.
विरमित किये जाने के आदेश पर रोक के बाद खुला ताला
इधर शिक्षकेतर कर्मियों की मांगों को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा स्थानांतरित शिक्षकेतर कर्मियों को कॉलेजों से विरमित किये जाने के आदेश पर अगले आदेश तक रोक लगा दी गयी. जिइसके बाद कर्मियों द्वारा विश्वविद्यालय का ताला खोला गया. महासंघ के मुंगेर प्रक्षेत्र अध्यक्ष गुंजेश कुमार सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा कई कर्मियों को दूर-दराज के क्षेत्रों में स्थानांतरित कर दिया गया. हालांकि शिक्षा विभाग द्वारा ही कर्मियों को कॉलेजों में प्रतिनियुक्त करने का आदेश दिया गया है. ऐसे में एमयू के अंतर्गत आने वाले सभी कर्मचारियों के साथ 8 बजे महासंघ मुंगेर प्रक्षेत्र द्वारा ऑनलाइन बैठक की जायेगी. इसमें वैसे कर्मियों की सूची बनायी जायेगी तो नये कॉलेजों में सुलभ रूप से पहुंच सकें और उन्हें परेशानी न हो. उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा ही ऐसी सूची मांगी गयी है. बैठक के बाद ही शुक्रवार से होने वाले अनिश्चितकालीन हड़ताल को लेकर कोई निर्णय लिया जायेगा.