खगड़िया. स्थानीय जंक्शन पर आधे दर्जन से अधिक ट्रेनों का ठहराव नहीं होता है. खगड़िया जंक्शन पर ट्रेन ठहराव की मांग को लेकर आंदोलन करने का निर्णय लिया गया है. खगड़िया जंक्शन से 6 प्रमुख ट्रेन नॉन स्टॉप गुजरती है. जबकि अन्य जिलों में ठहराव है. खासकर किशनगंज-अजमेर के बीच चलने वाली गरीब नवाज एक्सप्रेस (15715/15716) के ठहराव को लेकर तीखे सवाल उठाए जा रहे हैं. वर्ष 2006 में प्रारंभ की गई इस ट्रेन को बिहार के विभिन्न जिलों में एक से अधिक ठहराव दिए गए हैं, लेकिन खगड़िया जिले में अब तक इसका एक भी ठहराव निर्धारित नहीं किया गया है. जो निश्चित रूप से एक बड़ा सवाल है.
कटिहार जिले में चार स्टेशन पर है ठहराव
रेल उपभोक्ता संघर्ष समिति के अभिषेक शर्मा ने कहा कि किशनगंज से प्रस्थान के बाद गरीब नवाज ट्रेन ट्रेन कटिहार जिले के 4 स्टेशन बारसोई, आजमनगर, लाभा और कटिहार जंक्शन पर रुकती है. इसके बाद भागलपुर जिले के नवगछिया में भी ठहराव है. जबकि खगड़िया जिले से यह ट्रेन बिना रुके गुजर जाती है. सीधे बेगूसराय में ठहरती है. उल्लेखनीय है कि नवगछिया और बेगूसराय के बीच लगभग 110 किलोमीटर की दूरी है. जिसके बीच खगड़िया एक प्रमुख जंक्शन के रूप में स्थित है. इसी तरह यह बेगूसराय के बाद यह 14 किलोमीटर दूर बरौनी में भी रुकती है. फिर हाजीपुर और सोनपुर दोनों जगह ठहराव है. जबकि दोनों के बीच की दूरी मात्र 5 किलोमीटर है. इसके बाद सारण जिले के ही दूसरे स्टेशन छपरा में रुकते हुए यूपी में प्रवेश करती है. रेलवे आंकड़ों के अनुसार, खगड़िया जंक्शन सोनपुर मंडल के शीर्ष के प्रमुख स्टेशनों में शामिल है. राजस्व तथा यात्री संख्या के मामले में अग्रणी स्थान रखता है. यह जंक्शन छह अलग-अलग रेलखंडों मुंगेर, बरौनी, समस्तीपुर, कुशेश्वरस्थान, सहरसा और कटिहार को जोड़ता है. जिससे आसपास के कई जिलों के यात्रियों की निर्भरता इस स्टेशन पर बनी रहती है.खगड़िया जंकशन से सौ करोड़ की हो रही आमदनी
खगड़िया जंक्शन की सालाना आय मात्र यात्री ट्रेन से 48 करोड़ रुपये है. जबकि यहां से एक भी ट्रेन लंबी या छोटी दूरी की ट्रेन बनकर नहीं चलती है. रेल उपभोक्ता संघर्ष समिति के संयोजक सुभाष चंद्र जोशी, सामाजिक कार्यकर्ता अमरीश कुमार ने बताया कि बीते 8 साल से मात्र खगड़िया और जमालपुर के बीच डेमू ट्रेन का परिचालन हो रहा है. यदि खगड़िया जंक्शन से एक भी लंबी दूरी की ट्रेन बनकर चलती तो खगड़िया राजस्व के मामले में कई बड़े स्टेशनों को भी पीछे छोड़ देता. इसके अतिरिक्त माल गाड़ियों से होने वाले राजस्व का आंकड़ा 100 करोड़ से भी ज्यादा है. फिर भी 6 जोड़ी ट्रेनें यहां से नॉन स्टॉप गुजरती है. जो एक बड़ा सवाल है. इन सभी ट्रेन के अपने गृह स्टेशन से नॉन स्टॉप निकलने के कारण यात्रियों को यही ट्रेन पकड़ने 60 से 100 किलोमीटर दूर, अन्य स्टेशनों पर जाना पड़ता है.कहते हैं रेल यात्री
स्थानीय रेल यात्री निकुंज केडिया, हर्षित केडिया का कहना है कि खगड़िया से राजस्थान के जयपुर, अजमेर, पंजाब के फिरोजपुर, पूर्वोत्तर के सिलचर, अगरतला, लखनऊ, हरियाणा अन्य शहरों के लिए सीधी ट्रेन सुविधा बिल्कुल भी नहीं है. वर्तमान में उपलब्ध अन्य साप्ताहिक ट्रेनों में सीटों की उपलब्धता कम रहती है. जिससे यात्रियों को वैकल्पिक स्टेशनों जैसे नवगछिया या बेगूसराय का सहारा लेना पड़ता है. ऐसे में गरीब नवाज एक्सप्रेस जो सप्ताह में 3 दिन चलती है. उसका ठहराव मिलने से खगड़िया सहित आसपास के जिलों के यात्रियों को सीधी और सुगम कनेक्टिविटी मिल सकती है.
