मुआवजा व नौकरी की मांग कर रहे थे परिजन, प्रशासन के आश्वासन पर हटा जाम
…………..जगन्नाथपुर मंदिर गार्ड हत्याकांड वरीय संवाददाता, रांची
जगन्नाथपुर मंदिर गार्ड हत्याकांड के विरोध में शुक्रवार को आक्रोश फूट पड़ा. परिजन और स्थानीय लोगों ने शव के साथ शहीद चौक से जगन्नाथपुर मंदिर तक सड़क जाम कर प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग थी कि मृतक के परिजन को मंदिर में नौकरी दी जाये, जिला व मंदिर प्रशासन की ओर से पांच लाख रुपये का मुआवजा मिले और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई व रोजगार की जिम्मेदारी ली जाये. करीब घंटों चले हंगामे के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाया. अंतिम संस्कार के लिए 10 हजार रुपये की तत्काल सहायता और अन्य मदद के आश्वासन के बाद शाम 4:45 बजे जाम हटाया गया. इसके बाद सिठियो घाट में शव का अंतिम संस्कार किया गया.……
आरोपियों से पूछताछ तेज
इधर, पुलिस ने मामले में पकड़े गये आरोपियों से पूछताछ तेज कर दी है. प्रारंभिक जांच में आशंका है कि दानपेटी से चोरी के दौरान गार्ड ने बदमाशों को देख लिया, जिसके बाद उसकी हत्या कर दी गयी. घटना के बाद एफएसएल और डॉग स्क्वॉड की टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाये और आसपास के क्षेत्रों में जांच की.
स्थायी पुलिस पिकेट की मांग
स्थानीय लोगों ने घटना को गंभीर सुरक्षा चूक बताते हुए उच्चस्तरीय जांच और मंदिर परिसर में स्थायी पुलिस पिकेट की मांग की है. लोगों का कहना है कि इलाके में पहले भी चोरी-छिनतई की घटनाएं होती रही हैं, लेकिन हत्या की यह पहली वारदात है. उधर, घटना की सूचना मिलने के बाद राज्य क्रिकेट संघ (जेएससीए) के चेयरमैन सह कांग्रेस नेता अजय नाथ शाहदेव सहित अन्य मंदिर परिसर पहुंचे और प्रशासन से बातचीत की.गार्ड के परिवार पर टूटा दुख का पहाड़
मृतक गार्ड अपने पीछे पत्नी रूपण देवी समेत पांच बच्चों को छोड़ गया है. परिवार में पुत्र मोहन मुंडा, सुभाष और दीपू के अलावा बेटियां तारा व पूजा हैं. घटना के बाद से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और घर में मातम पसरा हुआ है.
मृतक के बड़े पुत्र मोहन ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि अब आगे कैसे घर चलेगा. उन्होंने प्रशासन से मुआवजा और परिवार के लिए नौकरी की व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि किसी तरह परिवार का गुजारा हो सके.……….
जगन्नाथपुर मंदिर के गार्ड हत्या दुखद: संजय सेठ
गार्ड की हत्या पर केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने चिंता जतायी है. उन्होंने पुलिस प्रशासन और राज्य सरकार से त्वरित कार्रवाई करने और मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है. मंत्री ने कहा कि यह घटना दु:खद है. घटना केवल एक व्यक्ति की हत्या नहीं, बल्कि हमारी आस्था, सुरक्षा और व्यवस्था पर सीधा आघात है. मंदिर जैसे पवित्र स्थल भी सुरक्षित नहीं रह गये हैं. ऐसे में आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़ा होना स्वाभाविक है. उन्होंने कहा कि रांची में बढ़ती आपराधिक घटनाओं से पता चलता है कि कानून-व्यवस्था की स्थिति किस तरह चिंताजनक हो चुकी है. नशा का कारोबार भी अपराध का मुख्य कारण बन चुका है.
