Deoghar news : मारपीट मामले के दो दोषियों को तीन-तीन वर्ष की सश्रम सजा

विधि संवाददाता, देवघर . न्यायिक दंडाधिकारी बंकिम चंद्र चटर्जी की अदालत में चल रहे जीआर केस की सुनवाई पूरी गयी. इसके बाद दो नामजद आरोपितों योगेंद्र राय व रामेश्वर राय

विधि संवाददाता, देवघर . न्यायिक दंडाधिकारी बंकिम चंद्र चटर्जी की अदालत में चल रहे जीआर केस की सुनवाई पूरी गयी. इसके बाद दो नामजद आरोपितों योगेंद्र राय व रामेश्वर राय को मारपीट का दोषी करार देते हुए प्रत्येक को तीन-तीन साल की सश्रम सजा सुनायी गयी, साथ ही प्रत्येक दोषियों को 500 रुपये करके जुर्माना भी लगाया. जुर्माना की राशि अदा नहीं करने पर अलग से एक माह की साधारण कैद की सजा काटनी होगी. इसी मामले के शेष नामजद छह आरोपितों मणिकांत राय, रुबी देवी, तारा देवी, माला देवी, दिनेश राय व उमेश राय को संदेह का लाभ देते हुए रिहा कर दिया गया. सभी आरोपित सारवां थाना के बैजूकुरा गांव के रहने वाले हैं और गांव के झूपर राय की लिखित शिकायत पर सारवां थाना में एक अप्रैल 2020 को केस दर्ज हुआ था. इसमें गाली गलौज करने व मारपीट कर जख्मी करने का आरोप लगाया गया. मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष से घटना के समर्थन में छह लोगों ने गवाही दी व दोष सिद्ध कराने में सफल रहा. अभियोजन पक्ष से सहायक लोक अभियोजक राजेश कुमार व बचाव पक्ष से अधिवक्ता रुपेश कुमार सिंह ने पक्ष रखा. अदालत में दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद उपरोक्त फैसला सुनाया.

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By Falguni marik

विगत 32 वर्षों से प्रभात खबर में पत्रकारिता करते आ रहा हूं. विशेष तौर पर कोर्ट से संबंधित खबरों के अलावा श्रावणी विशेषांक -बिल्व पत्र में धार्मिक आलेख लेखन, दुर्गापूजा के अवसर पर निकाली गयी दुर्वाक्षत में धार्मिक लेख लिखने, सामयिक कॉलम कोर्ट कचहरी का चक्कर, क्राइम स्टोरी आदि लेखन का अनुभव है. साथ ही लोक भाषा खोरठा में कविता, कहानी लेखन का अनुभव है. झारखंड अधिविध परिषद रांची के वर्ग अष्टम के पाठ्यक्रम में तथा आचार्य विनोवा भावे विश्वविद्यालय में बीए की कक्षा के पाठ्यक्रम में कविता शामिल हो चुकी है. विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में कविताएं, कहानियां व आलेखों का भी प्रकाशन हो चुका है.

प्रभात खबर में विगत 32 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव. विशेष तौर पर अदालत की खबरों पर पकड़ है. इसके अलावा विभिन्न प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं पर आलेख छपते रहा है. बिल्व पत्र श्रावणी विशेषांक में धार्मिक आलेख, सामयिक कॉलम- कोर्ट कचहरी का चक्कर, क्राइम स्टोरी आदि लेखन करते रहे हैं. लोक भाषा खोरठा की जानकारी है एवं इनकी कविता झारखंड अधिविध परिषद में वर्ग अष्टम तथा बिनोवा भावे विश्वविद्यालय में बीए पाठ्यक्रम में शामिल है.

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