बिना OTP कागजों पर बंट रहे गैस सिलिंडर, रजौली में भारत गैस एजेंसी पर उपभोक्ताओं का भारी बवाल
प्रखंड में घरेलू रसोई गैस के वितरण में भारी धांधली और कालाबाजारी का मामला सामने आया है. निशा भारत गैस एजेंसी की कार्यशैली से आक्रोशित उपभोक्ताओं ने गोदाम पर जमकर हंगामा किया.
रजौली (मनीष कुमार की रिपोर्ट). प्रखंड में घरेलू रसोई गैस के वितरण में भारी धांधली और कालाबाजारी का मामला सामने आया है. निशा भारत गैस एजेंसी की कार्यशैली से आक्रोशित उपभोक्ताओं ने गोदाम पर जमकर हंगामा किया. स्थिति बिगड़ने पर डायल 112 और स्थानीय पुलिस को हस्तक्षेप कर मामला शांत कराना पड़ा. उपभोक्ताओं का सीधा आरोप है कि सरकारी दर पर मिलने वाले सिलिंडर बिचौलियों और एजेंसी कर्मियों की मिलीभगत से खुले बाजार में ऊंचे दामों पर बेचे जा रहे हैं.
सुबह 4 बजे से लाइन, रसूखदारों को ”बैक डोर” से गैस
डुमरकोल समेत कई सुदूर गांवों से महिलाएं और बुजुर्ग तड़के चार बजे से ही गोदाम के बाहर कतार में लग जाते हैं. घंटों इंतजार के बाद जब वितरण शुरू होता है, तो नंबर सिस्टम को दरकिनार कर दिया जाता है. नीलम देवी और सुमन देवी जैसी कई महिलाओं ने बताया कि रसूखदार लोगों को गोदाम के अंदर ले जाकर चुपचाप सिलिंडर दे दिए जाते हैं. वहीं, होली के समय से इंतजार कर रहे आम उपभोक्ताओं को नया नंबर लगाने का बहाना बनाकर खाली हाथ लौटा दिया जा रहा है.
कागजों पर डिलीवरी, मोबाइल पर आ रहे फर्जी मैसेज
इस पूरे खेल में तकनीकी स्तर पर भी बड़ी धोखाधड़ी की जा रही है. उपभोक्ता संतोष कुमार ने बताया कि बुकिंग के बाद उन्हें OTP तो मिला, लेकिन सिलिंडर मिलने से पहले ही मोबाइल पर ”सफलतापूर्वक डिलीवरी” का मैसेज आ गया. यह साफ दर्शाता है कि लाभुकों के हिस्से की गैस बिना उन्हें दिए, सिर्फ कागजों पर खपाई जा रही है.
विरोध करने पर हाथापाई और फाड़े गए कागजात
गोदाम पर लोगों का गुस्सा उस वक्त फूट पड़ा, जब घंटों कतार में लगे लोगों को ”स्टॉक खत्म” होने का बहाना बता दिया गया, जबकि उसी दौरान गैस से भरी चार गाड़ियां बाजार की ओर रवाना कर दी गईं. ग्रामीणों का दावा है कि ये सिलिंडर ब्लैक मार्केट में 2,000 रुपये तक में बेचे जा रहे हैं. इसका विरोध करने पर एजेंसी कर्मी गुंडागर्दी पर उतर आए. आरोप है कि उन्होंने उपभोक्ता प्रशांत कुमार पांडे और विकास कुमार के साथ हाथापाई की और उनका पहचान पत्र तक फाड़ दिया.
BSO ने मानी गड़बड़ी, कार्रवाई का आश्वासन
हंगामे की सूचना पर प्रखंड खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी (BSO) अजीत कुमार मौके पर पहुंचे. उन्होंने व्यवस्था का जायजा लेने के बाद स्वीकार किया कि गैस वितरण की प्रक्रिया दोषपूर्ण है और उपभोक्ताओं से अतिरिक्त वसूली की शिकायतें भी सही प्रतीत हो रही हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरे मामले की विस्तृत जांच रिपोर्ट वरीय अधिकारियों को सौंपी जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई होगी. हालांकि, पूर्व के अनुभवों को देखते हुए उपभोक्ताओं में अब भी संशय है कि एजेंसी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई होगी या मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा.