उपेंद्र नारायण द्विवेदी, कांडी गढ़वा जिले के कांडी प्रखंड स्थित सतबहिनी झरना देवी मंदिर, जिसे सतबहिनी झरना तीर्थ स्थल भी कहा जाता है, धार्मिक आस्था और प्राकृतिक सुंदरता का प्रमुख केंद्र है. पहाड़ी की तलहटी में झरने के निकट बने इस पवित्र स्थल पर नौ मंदिरों की श्रृंखला है, जिनमें सतबहिनी भगवती माता महादुर्गा, महालक्ष्मी, महाकाली, भैरवनाथ, भगवान भास्कर, बजरंगबली, श्रीराम दरबार, साक्षी गणेश तथा भगवान शिव-नंदी मंदिर शामिल हैं. स्थल पर प्राचीन यज्ञशाला, नवीन पक्की यज्ञशाला, विशाल तालाब, विवाह मंडप और तीन बड़े सामुदायिक भवन भी आकर्षण का केंद्र हैं. रोजाना यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु व पर्यटक आते हैं. नवरात्र में यहां विशेष पूजा-अर्चना होती है. वर्ष में पांच बार होता है मेले का आयोजन सदियों से यहां वर्ष में पांच बार मेले का आयोजन होता है. इनमें वैशाख पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा, मकर संक्रांति, माघ पूर्णिमा और महाशिवरात्रि प्रमुख हैं. समिति ने मकर संक्रांति मेले की अवधि एक से बढ़ाकर तीन दिन कर दी है. वहीं, माघ पूर्णिमा से प्रतिवर्ष 11 दिनों का मानस महायज्ञ और विराट मेला आयोजित होता है, जिसमें लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं. धार्मिक महत्व के साथ-साथ यह स्थल अपनी मनोरम प्राकृतिक छटा और शांत वातावरण के लिए भी प्रसिद्ध है, जो इसे श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनाता है.
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