Samastipur News:इंस्पायर अवार्ड : 643 स्कूल के 2841 विद्यार्थी हुए पंजीकृत

जिले में बाल वैज्ञानिकों की प्रतिभा को निखारने में विद्यालय रोड़ा बनने लगे हैं.

Samastipur News:समस्तीपुर : जिले में बाल वैज्ञानिकों की प्रतिभा को निखारने में विद्यालय रोड़ा बनने लगे हैं. इंस्पायर अवार्ड योजना में 81 प्रतिशत विद्यालयों के पंजीकरण न करना इस बात की पुष्टि करता है. इंस्पायर अवॉर्ड मानक योजना के तहत नवाचार अपलोड करने की तिथि बढ़ा दी गई है. इंस्पायर अवार्ड मॉनक योजना 2025-26 में बच्चे अब 30 सितम्बर तक नामांकन कर सकते हैं. पहले यह तिथि 15 सितम्बर तय थी. इसका आवेदन 1 जुलाई से ही भरा जा रहा है. इसके लिए कक्षा 6 से 12 के विद्यार्थियों को मौका दिया गया है. पिछले साल तक 6 से 10 तक के विद्यार्थी ही इसमें भाग लेते थे. अब इसे 6 से 12वीं तक के बच्चों के लिए कर दिया गया है. इंस्पायर अवॉर्ड योजना में विद्यार्थी कोई भी नया और रचनात्मक आइडिया भेज सकते हैं. किसी आइडिया (नवाचार) का चयन उसकी नवीनता, व्यवहारिकता, सामाजिक उपयोगिता, पर्यावरण की अनुकूलता और वर्तमान तकनीक से बेहतरी के आधार पर ही होगा. चुने जाने वाले विद्यार्थी को मॉडल और अन्य वैज्ञानिक आविष्कारों के लिए भी आर्थिक सहायता दी जायेगी. सरकार की ओर से विद्यार्थी खाते में दस हजार रुपए नये मॉडल बनाने के लिए डाले जायेंगे. इसके बाद राज्यस्तरीय प्रदर्शनी व प्रोजेक्ट प्रतियोगिता से 10 हजार में से एक हजार नव प्रवर्तन का चयन होगा. शीर्ष 60 विचारों या नव विचारों का प्रदर्शन नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में किया जायेगा. 60 शीर्ष चयनित विचारों या नवविचारों को देने वाले विद्यार्थियों को देश की राष्ट्रपति के हाथों राष्ट्रीय पुरस्कार दिया जायेगा. एक स्कूल तीन से पांच आइडिया तक ऑनलाइन दे सकते हैं. भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय (विभाग) के इंस्पायर अवाॅर्ड मानक योजना का उद्देश्य छात्रों के बीच रचनात्मकता व अभिनव सोच की संस्कृति को बढ़ावा देना है. विद्यार्थियों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए राष्ट्रीय मंच मिलेगा. अभी तक जिले में 643 स्कूलों के 2841 विद्यार्थियों का पंजीकरण हुआ है. भारत सरकार विज्ञान संकाय में बच्चों की रूचि बढ़ाने एवं विकास कार्यक्रम को गति देने के लिए इंस्पायर अवार्ड कार्यक्रम की शुरूआत किया है. जिससे विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा सके. इंस्पायर अवार्ड को लेकर नवाचार आइडिया ऑनलाइन करने को लेकर पूर्व से ही प्रक्रिया चल रहा है. जिसमें जिले के विद्यालयों के विज्ञान शिक्षकों के साथ ही संबंधित शिक्षक दिलचस्पी नहीं दिखा रहे है. जिसके कारण नवाचार आइडिया अपलोड करने में जिला काफी फिसड्डी साबित हो रहा है. जिसके कारण जिले की सक्रियता कम हो दिख रही है.

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By ABHAY KUMAR

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