मसाला नहीं औषधि है तेजपत्ता

– अकसर लोगों को तनाव के कारण सिर में दर्द की शिकायत हो जाती है. ऐसे में घरेलू उपचार के तौर पर तेजपत्ते से बने लेप को माथे पर लगाने से आराम मिलता है. – तेजपत्ता गठिया रोग को दूरकरने में भी कारगर है. गठिया के रोगी रोज तेजपत्ता का पानी उबालकर पीएं. – नाक, […]

– अकसर लोगों को तनाव के कारण सिर में दर्द की शिकायत हो जाती है. ऐसे में घरेलू उपचार के तौर पर तेजपत्ते से बने लेप को माथे पर लगाने से आराम मिलता है.
– तेजपत्ता गठिया रोग को दूरकरने में भी कारगर है. गठिया के रोगी रोज तेजपत्ता का पानी उबालकर पीएं.
– नाक, मल, यूरिन या मुंह से खून निकलने पर एक गिलास ठंडे पानी में एक चम्मच तेजपत्ता का चूर्ण मिलाकर हर तीन घंटे में पीने से खून का बहना बंद हो जाता है.
– सिर के जुएं से परेशान हैं तो 400 ग्राम पानी में कुछ तेजपत्ताें को उबालें. जब पानी 100 ग्राम रह जाये, तो उस पानी को बालों की जड़ों में लगा दें. एक दो घंटे बाद बाल धो लें, भृंगराज मिलाने से और फायदा पहुंचेगा.
– तेजपत्ते से बना मंजन करने से पीले दांत मोतियों जैसे चमक उठते हैं.
– चेहरे पर पिंपल्स निकालने से परेशान हैं, तो तेजपत्ता को एक ग्लास पानी में पांच मिनट तक उबालें. फिर पानी को ठंडा होने पर दिन में 1-2 बार कॉटन की सहायता से चेहरे पर लगाएं. कुछ दिनों में पिंपल्स कम होने लगेंगे.
– जिन लोगों को निमोनिया की शिकायत होती है, उन्हें तेजपत्ता, बड़ी इलायची, गुड, लौंग व कपूर को पानी में मिला कर उबालकर काढ़ा बनाकर पीना चाहिए. यह निमोनिया में लाभदायक होता है.
– मौसम की एलर्जी की वजह से सर्दी-खांसी होने पर चाय में तेजपत्ता मिलाकर पी लें. खांसी में काफी आराम मिलेगा.

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